रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। ठगी के तरीके कई हैं। साइबर ठगों ने अलग-अलग राज्यों में बैठकर अपना मकड़जाल फैला रखा है। हम क्रेडिट कार्ड के नाम पर ठगी करने वाले गैंग के बारे में बताने जा रहे हैं। ये गिरोह दिल्ली से संचालित होता है।

कई ठगी की घटनाएं तो ऐसी हो रही हंै कि जिन्होंने कार्ड अप्लाई किया है, उन तक कार्ड नहीं पहुंचा, उसके बाद भी ठग पैसे निकाल ले रहे हैं। रायपुर में हर 10वें दिन क्रेडिट कार्ड संबंधित शिकायतें पुलिस के पास जा रही हैं। ठग क्रेडिट कार्ड एक्टिवेट करने, अपडेट करने, ब्लाक करने या ट्रांजेक्शन रोकने का झांसा दे रहे हैं।

वारदात का तरीका

गिरोह से जुड़े ठग लोगों को फोन करके क्रेडिट कार्ड कंपनी का खुद को कर्मचारी बताते हैं। उन्हें क्रेडिट कार्ड में रिवार्ड पाइंट पाने सहित अन्य का लालच देते हैं। वे डराते हैं कि रिवार्ड पाइंट का उपयोग नहीं किए तो एक्सपायर हो जाएंगे। जल्द ही पाइंट को शापिंग या स्टेटमेंट सेटल करने में उपयोग कर सकते हैं। इसी के बहाने वे लोगों से पहले क्रेडिट कार्ड की जानकारी प्राप्त कर लेते हैं। बाद में ठगी करते हैं। वे लोगों को दिल्ली से काल करते हैं। फ्राड के लिए बिहार, पश्चिम बंगाल के लोगों के खाते का उपयोग करते हैं।

साइबर ठगी से ऐसे बचें

- बैंक या कंपनी द्वारा रिवार्ड पाइंट या केश रिवार्ड देने के नाम पर कोई काल या फोन नहीं किया जाता है।

- क्रेडिट कार्ड कंपनी, बैंक द्वारा क्रेडिट कार्ड की जानकारी व ओटीपी काल करके नहीं मांगी जाती है।

- आनलाइन शापिंग करते समय सतर्क रहें और साइबर ठगों से बचें।

- आनलाइन खरीदारी के लिए ऐसे बैंक खाता का इस्तेमाल करें, जिसमें कम बैलेंस हो।

- किसी भी अनजान बेवसाइट से कोई एप्पलीकेशन डाउनलोड न करें।

- कभी भी किसी के साथ अपना ओटीपी, सीसीटीवी, पासवर्ड आदि शेयर न करें।

- आनलाइन, फोन पर दिए गए लुभावने आफर के लालच में न पड़ें।

Posted By: Pramod Sahu

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