रायपुर। मनी लांड्रिंग और कोल घोटाला मामले के मामले में बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने खनिज विभाग के डिप्टी डायरेक्टर शिवशंकर नाग और खनिज अधिकारी संदीप कुमार नायक को किया है। दोनों को दो दिन के लिए न्यायिक रिमांड में जेल भेज दिया गया। विशेष न्यायाधीश अजय प्रताप सिंह राजपूत के छुट्टी पर होने के कारण एडीजे वंदना दीपक देवांगन की कोर्ट में पेश किया गया। इन्हें 27 जनवरी को शाम चार बजे ईडी की विशेष कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए गए हैं।

बता दें 27 जनवरी को पूर्व से गिरफ्तार जमीन कारोबारी दीपेश टांक की भी ईडी रिमांड खत्म होने पर 27 जनवरी को ईडी कोर्ट में पेश करेगी। दोनों आरोपित पूर्व से जेल में बंद कारोबारी सूर्यकांत तिवारी से जुड़े हुए हैं। जगदलपुर में पदस्थ खनिज विभाग के डिप्टी डायरेक्टर शिवशंकर नाग पूर्व में कोरबा में रहे हैं। आरोप है कि परिवहन से संबंधित गब्बर टैक्स जब वसूला जाता था उस दौरान वहां के अधिकारी यही थे। इसके अलावा मामले में अन्य गिरफ्तार आरोपित के पास से ईडी ने कई साक्ष्य जुटाए। इसके बाद नाग को बुलाकर पूछताछ की गई। इसके बाद ईडी ने गिरफ्तार किया। संदीप कुमार नायक के खिलाफ मनी लांड्रिंग और कोल घोटाले के जुड़े साक्ष्य मिले हैं।

क्या है गब्बर टैक्स :

- दरअसल कोयले के परिवहन को आफ लाइन किया गया था। आरोप है कि उस दौरान डिप्टी डायरेक्टर शिवशंकर नाग कोरबा में पदस्थ थे। वही पूरी जिम्मेदारी संभाल रहे थे। 25 रुपये प्रति टन की दर से गब्बर टैक्स वसूला जा रहा था।

आइटी की रेट में मिले थे अहत दस्तावेज :

- बता दें की इनकम टैक्स की टीम ने कुछ महीने पहले कई खनिज अधिकारियों के घर छापेमारी की थी। इस दौरान इनके पास से अहम दस्तावेज मिले थे। इसके बाद ईडी ने कार्रवाई शुरू की। नाग की गिरफ्तारी की खबर पहले भी आई थी, लेकिन उस समय पूछताछ के लिए ईडी ने बुलाया था। पूछताछ के गिरफ्तार किया गया।

Posted By: Vinita Sinha

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