रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। कोरोना महामारी और प्रशासन के नियमों की बंदिशों के चलते इस बार राजधानी के दुर्गा पंडालों की रौनक फीकी नजर आ रही है। पिछले साल तक जिन इलाकों में भव्य महल, मंदिर रूपी पंडालों का निर्माण किया जाता था, उन इलाकों में इस बार रौनक दिखाई नहीं दे रही है। परंपरा ना टूटे इसलिए समिति के सदस्यों ने छोटा सा पंडाल बनाया है, कुछ जगहों पर दुर्गा प्रतिमा की स्थापना करने की बजाय मुहल्ले के दुर्गा मंदिरों में ही जोत प्रज्जवलित की गई है।

हर साल कंकाली पारा की भव्य और मनमोहक दुर्गा प्रतिमा को देखने के लिए भक्तों का हुजूम उमड़ता था। इस साल पंडाल के आगे तीन हजार फीट जगह होने और आने वाले भक्तों का रिकार्ड रखने, कोरोना पीड़ित पाए जाने पर कार्रवाई किए जाने, जैसे नियमों के चलते नवभारत दुर्गोत्सव समिति कंकालीपारा के सदस्यों ने दुर्गा पंडाल का निर्माण नहीं करवाया। समिति के एक सदस्य बरसों से देवी आराधना करते आ रहे हैं, इसलिए परंपरा ना टूटे इसलिए अपने निवास पर ही छोटी सी प्रतिमा की स्थापना की है। सदस्य महेंद्र पंसारी का कहना है कि प्रशासन ने आम जनता की भलाई के लिए नियम तय किए हैं, हमें उनका पालन करना चाहिए। चूंकि नियमों के अंतर्गत इतना बड़ा मैदान अथवा जगह नहीं है इसलिए समिति ने प्रतिमा स्थापना नहीं करने का फैसला किया। मेरी बरसों से आस्था है इसलिए हमारे परिवार ने घर पर ही छोटी सी प्रतिमा स्थापित की है, ताकि महज पूजा की जा सके।

इन इलाकों में सूनापन

कालीबाड़ी, बूढ़ापारा बिजली ऑफिस, सप्रे शाला के सामने, पुरानी बस्ती थाना के सामने, लिली चौक, लाखेनगर, सुंदर नगर, रायपुरा, गोल चौक, कुशालपुर, समता कॉलोनी, बैरनबाजार आदि इलाकों में भव्य महल रूपी पंडाल को देखने के लिए देर रात तक भक्त उमड़ते थे। इस बार ये सारे इलाके सूने पड़े हैं। प्रतिमा स्थापना ना करके समिति वालों ने आसपास के मंदिरों में जोत प्रज्वलित कराई है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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