राजकुमार धर द्विवेदी। रायपुर। राजधानी रायपुर स्थित गांधी उद्यान में निर्मित नेकी की दीवार के आसपास कबाड़ फैला हुआ है। न तो जूते काम लायक हैं और न ही कपड़े। यह गंदी, संक्रमित और अनुपयोगी सामग्री वे गरीब लोग तो नहीं छूते, जो कोरोना महामारी से परिचित हैं, लेकिन मानसिक रूप से कमजोर और पूरी तरह विक्षिप्त लोगों को रोकने वाला कोई नहीं है। कुछ दिनों से रात के वक्त ठंड पड़ने लगी है। ऐसे में ये लोग कबाड़ से कपड़े ले जाने लगे हैं। कपड़े के साथ वे कहीं महामारी तो नहीं ले जा रहे हैं?

ये सामग्री अगर व्यवस्थित ढंग से दीवार पर टांगी या रखी जाती तो खराब न होती। नगर निगम ने इस कार्य के लिए सुरक्षा गार्ड रखे हैं, लेकिन वे देखरेख नहीं करते। गार्डों को न तो उनका ठेकेदार टोकता और न ही नगर निगम का कोई जिम्मेदार कर्मचारी या अधिकारी। होना यह चाहिए था कि गार्ड की निगरानी में गरीब अपने उपयोग की सामग्री ले जाते और बाकी चीजें व्यवस्थित रख जाते। लेकिन कोई गार्ड यह कार्य नहीं करता, इसलिए कपड़े, जूते खराब हो गए। कोरोना को देखते हुए ये कबाड़ नष्ट देना चाहिए। इसका उपयोग खतरे से खाली नहीं है।

ठंड के मद्देनजर नगर निगम और समाज के नेक लोगों को यह फिक्र करनी होगी कि कोरोना काल में गरीबों की मदद कैसे की जाए? अभी तक शहर के नेक दिल लोग अपने पहने हुए कपड़े यहां गरीबों के लिए छोड़ जाया करते थे। लेकिन कोरोना को देखते हुए ऐसा करना ठीक नहीं होगा। ऐसे में नेकी की दीवार पर पुराने कपड़े रखने के बजाय नए कपड़े गरीबों को बांटे जाएं या फिर पुराने ऐसे कपड़े दिए जाएं, जो अच्छी तरह धुले हों, ताकि कोई कोरोना संक्रमित न होने पाए। कोरोना के चलते नेकी की दीवार की व्यवस्था सुधारनी होगी। अभी जैसी लापरवाही बरती जा रही है, अगर यही स्थिति रही तो स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत निर्मित नेकी की दीवार का मकसद पूरा नहीं होगा।

गार्डन में सोमवार को सुबह घूमने आए कुछ लोगों से इस बारे में चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि गार्डन के प्रवेश द्वार पर इस तरह कबाड़ बिखरा है तो ठीक नहीं लगता। यह अनुपयोगी सामग्री है तो इसे नष्ट कर देना चाहिए, क्योंकि इससे दीन-दुखियों को कोरोना दबोच लेगा। तेलीबांधा के रमेश कुमार ने कहा कि लाखों रुपए खर्च करके नेकी की दीवार बनाई गई है तो इसका मकसद भी तो पूरा होना चाहिए। अगर देखरेख होती तो ये कपड़े इस तरह न पड़े रहते। इस तरह की बात शंकर नगर के बुजुर्ग घनश्याम मिश्रा ने भी कही। उन्होंने कहा कि महापौर एजाज ढेबर इसे गंभीरता से लें और इस पर विचार करें कि इस कोरोना काल में गरीबों को ठंड से कैसे बचाना है?

Posted By: Nai Dunia News Network

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस