रायपुर। साहित्य एवं कला के क्षेत्र में विभिन्ना आयोजन कराने वाली संस्था ई-मंच ने रविवार की शाम म्यूजिक टाक शो का आयोजन कराया। आनलाइन आयोजित इस कार्यक्रम में संतूर के एक मात्र सूफियान घराना कश्मीर के दिव्यांश हर्षित उपस्थित रहे। उन्होंने संतूर की प्रस्तुति से श्रोताओं का मन मोह लिया। जैसे-जैसे कार्यक्रम आगे बढ़ता गया, संतूर की धुन लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती गई। वाद्य यंत्र की इस शानदार प्रस्तुति ने श्रोताओं से खूब तारीफ बटोरी। इस दौरान उन्होंने संतूर वाद्य यंत्र की बारीकियों के बारे में भी जानकारी दी। वह कहते हैं कि भारतीय संतूर आमतौर पर अखरोट से बना होता है। वर्तमान में इस वाद्य यंत्र में 43-44 ब्रिज होते हैं। प्रत्येक ब्रिज में 1-3 स्ट्रिंग्स होते हैं, जो कुल मिलाकर 130-140 स्ट्रिंग्स के साथ बनाया जाता है। यह जम्मू और कश्मीर में एक पारंपरिक प्राचीन वाद्य यंत्र है, इसे प्राचीन संस्कृत ग्रंथों में शाश्वत वीणा के नाम से भी जाना जाता था। वहीं कार्यक्रम का संचालन कर रहे वसंत वीर उपाध्याय और शांभवी उपाध्याय ने बताया कि शास्त्रीय वाद्य बनने से पहले, संतूर एक ऐसा वाद्य यंत्र था, जो आमतौर पर सूफियाना कलामों और छंदों में बजाया जाता था, लेकिन कुछ सालों के बाद पद्मश्री पंडित भजन सोपोरी ने इसे शास्त्रीय वाद्य के रूप में स्थापित करने के लिए इस वाद्य यंत्र में बहुत कुछ परिवर्तन किया है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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