रायपुर। Bageshwar Dham Baba: राजधानी के गुढ़ियारी में चल रहे बागेश्वर धाम महाराज पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के कथा का आज अंतिम दिन है। वहीं आज बागेश्वर धाम के महाराज ने अपने कथा के दौरान नेताजी सुभाषचन्द्र बोस की जयंती पर उनकी वीरता को याद किया। और कहा कि नेताजी बोस का नारा था कि तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हे आजादी दूंगा। मेरा नारा है कि तुम मेरा साथ दो मैं तुम्हें हिंदू राष्ट्र दूंगा। चूड़ी पहनकर घर पर मत बैठना। सदियों से संतों को नहीं छोड़ा तो हमें क्या छोड़ेंगे। मीरा, तुलसी, रैदास को नहीं छोड़ा तो हमें तो विरोधी गरियाएंगे ही। हिंदुओं एक हो जाओ।

पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने मुझे राजनेता नहीं बनना है, चुनाव नहीं लड़ना है, सनातनियों को एक करना है। प्रत्येक सनातनी को आगे आना है। अब तिरंगा के साथ भगवा ध्वज भी लहराना है। छत्तीसगढ़ के लोगों यह आग बुझने नहीं देना है। भारत की पत्रकारिता सत्य दिखाती है, वही दिखाया है। जिस दिन सनातनी माला, भाला उठा लेंगे। हिंदू राष्ट्र बन जाएगा। हर कोई सुभाषचंद्र बोस चाहता है लेकिन पड़ोस में, अपने घर में नहीं। तिलक अवश्य लगाएं। डरने, शर्माने की जरूरत नहीं है। राम प्यारे से जिसका संबंध है, उसे हर घड़ी आनंद है।

सनातनियों एकजुट हो जाओ

महाराज ने पंडालों में मौजूद एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं के समक्ष ऐलान किया कि यदि सभी हिंदू एकजुट हो जाएं तो भारत को हिंदू राष्ट्र बनने से कोई नहीं रोक सकता। महाराज ने कहा कि मुझे राजनेता नहीं बनना है, चुनाव नहीं लड़ना है, बस मेरा उद्देश्य समस्त सनातनियों को एक करना है। प्रत्येक सनातनी आगे आएं और राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा के साथ भगवा ध्वज भी लहराएं।

छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया, आग न बुझने पाए

छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया का नारा लगाते हुए महाराज ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लोग भोले हैं, लेकिन आस्था, भक्ति की लहर यहां दिखाई दे रही है। पिछले सात दिनों में गुढ़ियारी का यह पंडाल देश-विदेश में चर्चा का विषय बन गया है, धर्म और राष्ट्र प्रेम की जो अलख जागी है, वह अलख हमेशा जलती रहनी चाहिए।

माला के साथ उठाएं भाला, लगाएं तिलक

महाराज ने कहा कि हिंदू शेर किसी से नहीं डरता। जिस दिन सभी सनातनी माला जपने के साथ भाला उठा लेंगे और हर सनातनी के माथे पर तिलक लगा होगा, समझो, हमारा देश हिंदू राष्ट्र बन जाएगा। ज्यादातर लोग चाहते हैं कि उसके पड़ोस में सुभाषचंद्र बोस, भगतसिंह हो, लेकिन अपने घर में नहीं चाहते। जिस दिन हर कोई चाहने लगेंगे कि उसके घर में सुभाषचंद्र, भगतसिंह, आजाद पैदा हो, उस दिन संपूर्ण विश्व में भारत का डंका बजने लगेगा। पं.शास्त्री ने सीता स्वयंवर, धनुष तोड़ने का प्रसंग, लक्ष्मण-परशुराम संवाद समेत श्रीराम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न के विवाह के विविध प्रसंगों की व्याख्या की। कथा के अंतिम दिन महाराज से आशीर्वाद लेने और विदाई देने के लिए पंडाल खचाखच भरा था।

4 बजे शुरू हुई कथा

बता दें कि बागेश्वर धाम महाराज पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा एक बजे शुरू होनी थी जबकि कथा आज चार बजे के बाद प्रारंभ हुई। वहीं 12 बजे से श्रद्धालु पंडाल में बैठ गए थे। जिसके बाद चार घंटे से श्रद्धालु इंतजार में बैठे रहे।

Posted By: Vinita Sinha

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