बलौदाबाजार। एक सरकारी स्कूल में शिक्षकों की घटिया हरकत सामने आने के बाद पूरे गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। छात्राओं ने इस बात का खुलासा किया था कि स्कूल के सात पुरुष शिक्षक उनके साथ लंबे समय से गलत हरकतें कर रहे हैं। छात्राओं पर दबाव बनाया जा रहा था और बात न मानने पर परीक्षा में फेल किए जाने की धमकी दी जा रही थी, जिसकी वजह से छात्राएं अब तक चुप थीं।

जिले के एक सरकारी स्कूल में शिक्षकों की यह शर्मसार हरकत छात्राओं की सामूहिक शिकायत के बाद सामने आई। इसके बाद सभी आरोपी शिक्षकों के खिलाफ संबंधित थाने मे पास्को एक्ट व अन्य धाराओं में अपराध दर्ज किया गया है। फिलहाल आरोपित शिक्षकों को निलंबित किया गया है, लेकिन छात्राओं के परिजन और ग्रामीण इन्हें बर्खास्त किए जाने की मांग कर रहे हैं। सभी आरोपित शिक्षकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और दूसरी तरफ कलेक्टर ने इनके खिलाफ मामले की जांच के लिए एक टीम गठित की है।

बता दें कि बुधवार को छात्राओं से स्कूल में हो रही इस घटना की शिकायत परिजनों से की थी। मामले में कई पीड़ित छात्रों ने बाद में एक सामूहिक शिकायत पुलिस थाने में दर्ज कराई। इसके बाद शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो सकी। छात्राओं का कहना है शिक्षक उनसे अश्लील बातें करते थे और सभी शिक्षक एकजुट होकर इस तरह की हरकतें कई छात्राओं के साथ लंबे समय से कर रहे थे। बात न मानने पर उन्हें परीक्षा में फेल किए जाने की धमकियां शिक्षकों के द्वारा दी जा रही थी। जब ग्रामीणों को इस बात की जानकारी मिली तो वे एक साथ स्कूल पहुंचे और शिक्षकों को बंधक बना लिया था। गांव में पुलिस बल भेजा गया और ग्रामीणों को समझाइश दी गई। इसके बाद ग्रामीणों ने बंधक बनाए गए आरोपित शिक्षकों को पुलिस को सौंप दिया था। इस शर्मनाक घटना के सामने आने के बाद अब आरोपित शिक्षकों को बर्खास्त किए जाने की मांग तेज हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि चारित्रिक रूप से गिरे हुए लोगों की शिक्षा जगत में कोई जगह नहीं है। इन्हें तुरंत नौकरी से बाहर निकाल देना चाहिए और कड़ी सजा होनी चाहिए।

Posted By: Lav Gadkari