रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। रेलवे ने पीडब्ल्यूडी विभाग को तेलघानी नाका ओवरब्रिज पर गर्डर चढ़ाने के लिए एक बार फिर मौका दिया है। तीन जुलाई को पहला मौक दिया गया था लेकिन पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों की उदासीनता की वजह से गर्डर चढ़ाने के लिए तैयारी ही पूरी नही हो पाई। रेलवे ने 11 जुलाई को तेलघानी नाका पर गर्डर चढ़ाने के लिए चार घंटे तथा संन्यासीपारा में अंडरब्रिज के निर्माण के लिए छह घंटे का ब्लाक देने का निर्णय लेकर दूसरी बार मौका दिया है।

ब्लाक की वजह से गीतांजलि और कामाख्या-कुर्ला एक्सप्रेस को चार घंटे देरी से रवाना किया जाएगा। वहीं, चार गाड़ियों को बीच में ही नियंत्रित किया जाएगा। गर्डर चढ़ने के बाद छह माह के भीतर राजधानीवासियों को ओवरब्रिज की सुविधा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। ओवरब्रिज शुरू होने से तेलघानी नाका पर लगने वाले जाम से भी लोगों को छुटकारा मिलेगा। ज्ञात हो कि तेलघानी नाका ओवरब्रिज का 12 सितंबर, 2018 को 37 करोड़ रुपये की लागत से वर्क आर्डर जारी हुआ था।

ठेका कंपनी को 11 अप्रैल, 2020 तक काम पूरा करना था लेकिन निर्माण कार्य दो साल विलंब से चल रहा है। सितंबर, 2021 तक ज्यादातर काम पूरा कर लिया गया है। गर्डर चढ़ाना बाकी है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों का दावा है कि गर्डर चढ़ाने के बाद फिनसिंग करने में छह माह का समय लगेगा। राजधानीवासियों को ओवरब्रिज की सुविधा दिसंबर-2022 तक मिलने की उम्मीद है।

दो लाख लोगों को मिलेगी राहत

नया ओवरब्रिज बनने से गुढ़ियारी जाना आसान हो जाएगा। गुढ़ियारी, अशोक नगर, बड़ा अशोक नगर, शिवानंद नगर, श्रीनगर, कबीर नगर समेत अन्य कालोनियों में जाने के लिए तेलघानी नाका ब्रिज ही बेहतर विकल्प है। यह ओवरब्रिज रामसागरपारा और स्टेशन क्षेत्र से पटरी के उस पार गुढ़ियारी के आधा दर्जन वार्डों को जोड़ता है। इससे रोजाना दो लाख से अधिक लोग सफर करते हैं। ओवरब्रिज शुरू होने से यहां के लोगों को काफी राहत मिलेगी।

तेलघानी नाका पर अक्सर लगता है जाम

तेलघानी नाका ब्रिज काफी पुराना हो गया है इसलिए शासन ने भारी वाहनों पर प्रतिबंध लगाया है, जिसके कारण तेलघानी नाका चौक पर यातायात का दबाव बना रहता है। यहां पर अक्सर जाम की स्थिति रहती है। ओवरब्रिज का निर्माण कार्य पूरा होने से लोगों को काफी राहत मिलेगी। वहीं, भारी वाहन भी आसानी से तेलघानी नाका से गुढ़ियारी आना-जाना कर सकेंगे।

ब्लाक से दो ट्रेनें हाेंगी प्रभावित

हावड़ा-मुंबई गीतांजलि एक्सप्रेस- 10 जुलाई को हावड़ा से चार घंटे देरी से होगी रवाना

कामाख्या-कुर्ला एक्सप्रेस- नौ जुलाई को कामाख्या चार घंटे 10 मिनट देरी से होगी रवाना

यह ट्रेनें बीच में होगी नियंत्रित

इतवारी-बिलासपुर एक्सप्रेस- 10 जुलाई को इतवारी एवं सरोना के बीच दो घंटे 10 मिनट नियंत्रित की जाएगी।

छपरा-दुर्ग सारनाथ एक्सप्रेस- 10 जुलाई को बिलासपुर एवं उरकुरा के बीच 45 मिनट नियंत्रित की जाएगी।

मुंबई-हावड़ा एक्सप्रेस- 10 जुलाई को दुर्ग और सरोना के बीच 45 मिनट तक नियंत्रित की जाएगी ।

पुणे-हटिया एक्सप्रेस- 10 जुलाई को राजनांदगांव और रायपुर के बीच 30 मिनट नियंत्रित की जाएगी ।

तेलघानी नाका पर ओवरब्रिज का निर्माण किया जा रहा है। गर्डर चढ़ाने के लिए ब्लाक लेने का निर्णय लिया गया है। इस दौरान दो ट्रेनों को चार घंटे विलंब से तथा कुछ ट्रेनों को बीच में नियंत्रित कर चलाया जाएगा।

-शिव प्रसाद, सीनियर पब्लिसिटी इंस्पेक्टर रायपुर रेलवे

Posted By: Pramod Sahu

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