रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। स्वच्छता सर्वेक्षण के परिणाम जारी हो चुके हैं। रायपुर इस बार पांच पायदान नीचे खिसक गया है। इससे पहले के वर्ष में जहां रायपुर 6वें स्थान पर था, वहीं इस बार इसे 11वां स्थान मिला है। 7,500 अंकों पर किए गए इस सर्वे में रायपुर को 5,395 अंक ही मिले हैं। इसका मुख्य कारण है डोर टू डोर कचरा कलेक्शन की व्यवस्था में कुछ विसंगतियां हैं।

डोर टू डोर कचरा कलेक्शन के तहत गीला और सूखा कचरा अलग-अलग लेना चाहिए, लेकिन निगम सहित एजेंसी की कचरा गाड़ियों में इन्हें एकसाथ ही लिया जा रहा है। वहीं रायपुर में चार एसटीपी तो बनवा दिए गए हैं, लेकिन इससे निकलने वाले पानी का उपयोग करने में प्रशासनिक अमला नाकाम साबित रहा। इसकी वजह से रायपुर को वाटर प्लस की श्रेणी में भी जगह नहीं मिल पाई है।

इसके अलावा सिटीजन फीडबैक ने भी रायपुर के अंक काटे हैं। सिटीजन फीड बैक में जहां इंदौर को 2,200 अंक मिले हैं, वहीं रायपुर को इसके लिए 1,860 अंक ही दिए गए हैं। इसके अलावा अन्य शहरों 14 शहरों को वाटर प्लस होने के कारण 1,000 अंक मिले, जबकि रायपुर को इस श्रेणी में जगह नहीं मिलने से भी अंक कम हो गए।

जानिए स्वच्छता में क्यों पिछड़ गए हम

फीडबैक के 300 नंबर कटे

स्वच्छता सर्वेक्षण में लोगों को रैंडमली (बेतरतीब) तरीके से लोगों को काल कर फीडबैक लिया गया। इसके लिए 300 अंक निर्धारित थे। वहीं लोगों से इसमें गीले कचरे और सूखे कचरे को लेकर सवाल किए गए, जिसमें लोगों ने निगम की सच्चाई बयान करते हुए बता दोनों ही कचरा एकसाथ लेने की बात स्वीकारी। इस पर भी रायपुर के अंक कट गए।

एसटीपी लगाए, लेकिन इसके पानी का उपयोग नहीं कर पाए

शहर से निकलने वाले गंदे पानी को साफ करने के लिए एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) तो बना दिया गया है, लेकिन इसके पानी का उपयोग करने में रायपुर पीछे रह गया, क्योंकि पानी के उपयोग के लिए अब तक निगम के जिम्मेदार औद्योगिक एजेंसियां ही नहीं खोज पाए, जिन्हें इसका पानी दे सकें। इसकी वजह से भी वाटर प्लस की श्रेणी से रायपुर बाहर हो गया।

थ्री स्टार में ओडीएफ की ही मिली श्रेणी

सर्वेक्षण में ओडीएफ से लेकर वाटर प्लस की श्रेणी भी रखी गई थी, जिसमें से रायपुर को ओडीएफ प्लस प्लस तो मिला है, लेकिन वाटर प्लस श्रेणी नहीं मिल पाई है। इसकी वजह से सीधे-सीधे रायपुर को 400 अंकों का नुकसान हुआ है।

अंकों से समझें हम किस तरह रह गए पीछे

वाटर प्लस पर 1000 अंक, लेकिन रायपुर को 600

सर्वेक्षण में रायपुर को ओडीएफ तो दिया गया, जो कि 600 अंक है, लेकिन वाटर प्लस की श्रेणियों में आने वाले शहरों को 1000 अंक दिए गए हैं। यानि कि इसमें 400 अंकों का हुआ नुकसान।

फाइव स्टार रेटिंग के 1050 अंक, लेकिन रायपुर को 600 अंक

इंदौर को फाइव स्टार रेटिंग दी गई है, जिसके आधार पर 1050 अंक दिए गए हैं। जबकि रायपुर को थ्री स्टार रेटिंग दी गई है, जिसमें 600 अंक तय किए गए हैं यानी 450 अंकों का इसमें भी नुकसान रायपुर को उठाना पड़ा है।

सिटीजन फीडबैक में इंदौर को 2,100, रायपुर को 1,800

सिटीजन फीडबैक में समुचित व्यवस्था होने पर लोगों ने वस्तुस्थिति के अनुसार दिल्ली की टीम को जवाब दिया। इस पर इंदौर को 2100 अंक मिले हैं, जबकि रायपुर में लोगों ने निगम की पोल खोल दी, जिसकी वजह से रायपुर को 1800 अंक ही मिले यानी यहां 300 अंकों का अंतर हो गया।

सुधार करेंगेः महापौर

महापौर एजाज ढेबर ने कहा कि स्वच्छता सर्वेक्षण के नतीजों को ध्यान में रखते भविष्य में सुधार किया जाएगा। किन क्षेत्रों में हम पीछे रह गए हैं, उनका अध्ययन किया जाएगा और इसके बाद इन्हें पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।

Posted By: Pramod Sahu

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