रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। मेग्नेटो माल की तरफ जाने वाली सड़क के किनारे लगा फिल्म स्टार अक्षय कुमार, अजय देवगन और शाहरुख खान वाला विशाल पोस्टर निगम अमले ने फाड़ दिया। इस पोस्टर पर तीनों एक्टर की तस्वीर के साथ लिखा था-बोलो जुबां केसरी! एक पान मसाला कंपनी के इस विज्ञापन की इंटरनेट मीडिया पर भी काफी चर्चा है। लोग इन तीनों एक्टर के इस विज्ञापन से जुड़ने को लेकर कई तरह की प्रतिक्रियाएं भी दे रहे हैं। इस विज्ञापन के खिलाफ की गई कार्रवाई अब चर्चा में है।

दरअसल पूरा मामला होर्डिंग्स के किराए से जुड़ा था। विज्ञापन एजेंसी ने किराया नहीं दिया था। लिहाजा आयुक्त के आदेश पर कार्रवाई करने से पहले निगम ने नोटिस जारी की, फिर भी किराया नहीं मिला तब पोस्टर फाड़ा गया। इस तरह की कार्रवाई दूसरी एजेंसी पर की गई। इस कार्रवाई से शहर में बड़े-बड़े होर्डिंग, पोस्टर लगाने वाली विज्ञापन एजेंसी में हड़कंप मचा हुआ है।

कांग्रेसी प्रचार के खिलाफ लामबंद विपक्ष

नगर निगम के मुख्यालय भवन में शुक्रवार को नेता प्रतिपक्ष के साथ भाजपा पार्षदों ने बवाल खड़ा कर खूब हंगामा किया। भाजपा पार्षदों का दल सीधे आयुक्त प्रभात मलिक के कमरे में जा घुसा। पार्षदों ने आरोप लगाया कि नगर निगम का कांग्रेसीकरण किया जा रहा है। यहां काम करने वाले लोगों को कांग्रेस के प्रचार के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।

निगम में अस्थायी तौर पर काम करने वाली स्वच्छता दीदियों का कांग्रेस सियासी इस्तेमाल कर रही है। इनका काम गीला-सूखा कचरा के बारे में लोगों को बताना, यूजर चार्ज वसूली में सहायता करना इत्यादि काम हैै मगर इनसे युवा कांग्रेस का प्रचार और सदस्यों को जोड़ने का काम कराया जा रहा है। पार्षदों ने बतौर प्रमाण कुछ वीडियो भी दिए। उनकी मांग थी कि अगर स्वच्छता दीदी महिलाओं को उनके मूल काम पर नहीं लौटाया गया तो विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा। आयुक्त के आश्वासन पर ये शांत हुए।

किशोर के नगमों ने बढ़ाया मनरेगाकर्मियों का हौसला

तपती दोपहरी में धरनास्थल पर बज रहा, रुक जाना नहीं तू कहीं हार के कांटों पे चलके मिलेंगे साए बहार के..., गायक किशोर कुमार के यह नगमे छत्तीसगढ़ के मनरेगा कर्मियों के लिए हौसला बढ़ाने वाला बन चुका है। पिछले एक महीने से मनरेगा कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठे हैं। 40 से 42 डिग्री की गर्मी हर रोज पड़ रही है। भरी दोपहरी में ये नगमे इनका सहारा बने हुए हैं।

कर्मचारियों का कहना है कि भले ही हमारी सुध लेने शासन-प्रशासन का कोई भी व्यक्ति नहीं पहुंच रहा है, लेकिन हमारा हौसला बिल्कुल भी डिगा नहीं है। किशोर दा के गीतों के जरिए एक दूसरे का हौसला बढ़ा रहे हैं। यहां करीब पंद्रह हजार मनरेगा कर्मचारी काम कर रहे हैं। नियमितीकरण से जुड़ी मांग को लेकर सवा महीने से काम बंद कर हड़ताल पर बैठे हुए हैं। देखना है कि प्रशासन इनकी कब सुध लेता है?

कमीशन के साथ निगल रहे पूरी सड़क

पीएम ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत सूबे में हो रहे सड़क निर्माण में ठेकेदारों से मिलीभगत कर विभागीय अधिकारी जमकर भ्रष्टाचार कर रहे है। कमीशन तो दूर, पूरी सड़क ही निगल जा रहे हैं। बावजूद राज्य में योजना का क्रियान्वयन बेहतर होने का ढिंढोरा पीटकर अधिकारियों और ठेकेदारों को लूट की खुली छूट दी जा रही है। नई सड़कें चंद महीनों में दम तोड़ रही हैं।

मरम्मत पर भी सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है। सड़कों के गुणवत्ताहीन निर्माण को लेकर अब तक एक भी अधिकारी-कर्मचारी पर सख्त कार्रवाई नहीं हुर्ह। लगता है जिम्मेदार नींद में हैं। गुणवत्ताहीन सड़क निर्माण से कुछ महीनों में ही सड़कों पर दरारें आ रहीं हैं और जगह-जगह धंसने भी लगी हैं। नई सड़कों का कमोबेश पूरे सूबे में एक जैसा हाल है। भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के मुखिया तक लगातार ऐसी शिकायते पहुंच रही है। अब सभी को बड़ी कार्रवाई का इंतजार है।

Posted By: Abhishek Rai

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