Raksha Bandhan 2020 : रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि। रक्षाबंधन पर सोमवार को बहनें अपने भाइयों को रक्षा सूत्र बांधकर उनके सुखद भविष्य की कामना करेंगी। बड़े भाइयों से उपहार लेंगी और छोटे भाइयों को उपहार के साथ ढेरों आशीष देंगी। जिन बहनों के कोई भाई नहीं हैं, उन्हें दुखी होने की जरूरत नहीं है। शास्त्रीय मान्यता के अनुसार बहनें पूजा घर में अथवा मंदिर में भगवान के चरणों में राखी अर्पित कर उन्हें अपना भाई मान सकती हैं।

भगवान के चरणों में रक्षा सूत्र अर्पित करें

जवाहर नगर स्थित राधा-कृष्ण मंदिर के पुजारी पं. लल्लू महाराज के अनुसार जिन बहनों के भाई नहीं हैं, वे भगवान श्रीकृष्ण को अपना भाई मानकर रक्षा सूत्र चरणों में अर्पित करें, अपने घर में रखे बाल गोपाल, लड्डू गोपाल की प्रतिमा को राखी बांधें। भगवान प्रसाद के नहीं, प्रेम और भाव के भूखे होते हैं। सच्चे हृदय से भक्त जिस रूप में भगवान को देखते, वे उस रूप में रक्षा करने आते हैं।

अनेक रूपों में पूजे जाते हैं भगवान कृष्ण

जेल रोड स्थित चामुंडा मंदिर और जगन्नााथ मंदिर के पुजारी पं. संजय जोशी बताते हैं कि शास्त्रों में अनेक भक्तों का उल्लेख है, जिसमें बताया गया है कि भक्तों ने भगवान को अपने माता-पिता, भाई और पति रूप में मानकर पूजा की। द्रोपदी ने भगवान श्रीकृष्ण को अपना भाई माना और मीराबाई ने पति माना। जिसकी जैसी भावना, भगवान हर रूप में अपने भक्तों की रक्षा करते हैं। बहनें भगवान भोलेनाथ, जगन्नााथ, कान्हा को भाई मान सकती हैं।

ब्रह्मचारी हनुमानजी को बांधें राखी

जीई रोड स्थित हनुमान मंदिर के पुजारी मनोज तिवारी का कहना है कि श्रीराम भक्त हनुमानजी ब्रह्मचारी हैं। वे अमर हैं और कलयुग में भी हर जगह विद्यमान हैं। बहनें हनुमानजी को अपना भाई मानकर राखी बांधें, चरणों में समर्पित करें।

Posted By: Nai Dunia News Network

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