रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। राजधानी की डब्ल्यूआरएस कालोनी में राज्य का सबसे बड़ा 111 फीट का रावण का पुतला जलाया गया। यहां का रावण दहन आकर्षण का केंद्र रहा। रामायण धारावाहिक में श्रीराम की भूमिका निभाने वाले अरुण गोविल और माता सीता की भूमिका निभानी वाली दीपिका चिखलिया को देखने के लिए श्रद्धालु उमड़ पड़े।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और अरुण गोविल ने बटन दबाकर रावण के पुतले का दहन किया। सबसे पहले मेघनाद और फिर कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया गया। इस साल वर्षा के चलते पुतला भीग गया। इस कारण ठीक से नहीं जल पाया। अतिथियों के जाने के बाद काफी कोशिश के बाद तीनों पुतलों को जलाया गया। इसके अलावा रावणभाठा मैदान, सप्रे शाला मैदान, बीटीआइ मैदान शंकर नगर, चौबे कालोनी, छत्तीसगढ़ नगर, बिरगांव खेल मैदान में भी रावण दहन किया गया। कार्यक्रम में हजारों लोग उमड़े।

अपने उद्बोधन में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि मात्र रावण के पुतले का दहन करना ही काफी नहीं है। हमें अपने भीतर की बुराइयों को जलाना है। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम राम के आदर्शों को अपनाना है। विश्वभर में एकमात्र छत्तीसगढ़ में माता कौशल्या और भक्त शबरी का मंदिर है।

भगवान श्रीराम छत्तीसगढ़ में पले और वनवास काल का ज्यादातर समय छत्तीसगढ़ में ही व्यतीत किया। सीतामढ़ी में माता सीता की रसोई है। श्रीराम वन पथगमन के निर्माण से संपूर्ण विश्व में पर्यटन के क्षेत्र में प्रगति की अपार संभावना है। जन-जन के मन में भगवान श्रीराम-सीता, कौशल्या के प्रति अटूट श्रद्धा है।

अहंकार का त्यागकर स्वयं को जीतें

अभिनेता अरुण गोविल और अभिनेत्री दीपिका चिखलिया ने सुसज्जित बग्घी पर सवार होकर मैदान का चक्कर लगाया और दर्शकों का अभिवादन किया। अरुण गोविल ने कहा कि रावण से शक्तिशाली कोई नहीं था। रावण को मालूम था कि उसे कोई नहीं मार सकता। वह जानता था कि श्रीराम, भगवान के अवतार हैं और उन्हीं के हाथों उसकी मौत होगी, भगवान के हाथों मृत्यु होने से ही मोक्ष मिलेगा।

रावण का चरित्र हमें संदेश देता है कि काम, क्रोध, मोह, लोभ, अहंकार का त्याग करना चाहिए। ये पांच चीजें जिसके जीवन में हैं, उसका सर्वनाश होना तय है। राम का चरित्र हमें जीवन को मर्यादित रूप से जीने का संदेश देता है। राम नाम मीठा है, इसका जाप करने से मुक्ति मिलेगी। विजयदशमीं पर्व अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है। हम अपने अहं को त्यागकर स्वयं पर विजय पाने का प्रयास करें।

मैं छत्तीसगढ़ की बहू हूं: दीपिका चिखलिया

रामायण की सीता दीपिका चिखलिया ने कहा कि छत्तीसगढ़ का कौशल्या मंदिर खूबसूरत है। माता कौशल्या का मायका और श्रीराम का ननिहाल होने से मैं छत्तीसगढ़ की बहू हूं। यह पर्व हमें भीतर की बुराइयों को खत्म करने का संदेश देता है।

मैदान की झलकियां

रेलवे ट्रैक को तिरंगा कपड़ा से घेर दिया गया था। दहन के दौरान ट्रेनों की गति धीमी कर दी गई थी।

कलाकारों का शाल ओढ़ाकर सम्मान

7.15 बजे सबसे पहले मेघनाद दहन

7. 18 को रावण का दहन

7.20 बजे कुंभकर्ण का दहन

ये कलाकार

राम - संजू साहू

लक्ष्मण - मुकुल वर्मा

हनुमान - गौतम

विभीषण - मुकेश वर्मा

Posted By: Pramod Sahu

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