रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। राज्य सरकार ने शिक्षक भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों को राहत दी है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर स्कूल शिक्षा विभाग ने प्रदेश में चल रहे 14 हजार 580 शिक्षकों के पदों पर भर्ती के लिए व्यापमं से प्राप्त परीक्षाफल सूची की वैधता में एक बार फिर छह छह माह की वृद्धि की है। इसके पहले सितंबर 2020 में वैधता की अवधि एक साल के लिए बढ़ाई गई थी।

स्कूल शिक्षा के सचिव डा. कमलप्रीत ने बताया कि वर्तमान में प्रकरण में उच्च न्यायालय बिलासपुर द्वारा भर्ती प्रक्रिया में रोक लगाए जाने के आदेश प्रभावशील है। ऐसे में वैधता बढ़ाई गई है। बतादें कि लोक शिक्षण संचालनालय ने नौ मार्च 2019 को 14 हजार 580 पदों पर सीधी भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था। कोरोना के चलते भर्ती की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है।

इसके बावजूद भी अब तक व्याख्याता, शिक्षक और सहायक शिक्षक के कुल सात हजार 188 पदों में नियुक्ति आदेश जारी किया जा चुका है। वहीं उच्च न्यायालय बिलासपुर में दायर याचिका में स्थगन आदेश प्रभावशील होने के कारण बस्तर, सरगुजा संभाग के जिले और कोरबा जिले को मिलाकर कुल 14 जिलों में सहायक शिक्षक और शिक्षक के पदों में नियुक्ति आदेश जारी नहीं किया गया है। इन इलाके के अभ्यर्थियों के लिए फिलहाल यह राहत की खबर है।

छात्राओं ने सीखा बैग बनाना

शासकीय दूधाधारी बालिका महिला स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय, रायपुर में विभिन्न स्किल डेवलपमेंट (कौशल विकास) कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में छात्राएं डोर मेट, डाइनिंग टेबल मेट, डेकोरेटीव डाल, बैग आदि वस्तुएं बनाना सीख रही हैं। साथ ही छात्राओं ने कंप्यूटराइज्ड मशीन से एंब्रायडरी करना सीखा। उल्लेखनीय है कि महाविद्यालय के गृह विज्ञान विभाग के स्ववित्तीय पाठ्यक्रम फैशन डिजाइनिंग के अंतर्गत पांच दिवसीय उषा केयर के साथ संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यशाला में डा. शिप्रा बैनर्जी, ऋचा ताम्रकर, सावित्री सप्रे समेत अन्य विषय विशेषज्ञ ऋचा ठाकुर ने प्रशिक्षित किया।

Posted By: Ravindra Thengdi

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