Religious News In Raipur: रायपुर ( नईदुनिया प्रतिनिधि )। शुभ संकल्पों के आधार पर सामान्य मानव अपना जीवन सफल बना लेता है। भगवान वर्धमान भी एक सामान्य मानव ही थे, उन्होंने शुभ संकल्पों के साथ जीवन जिया और जीवन को सफल बना लिया। आज हजारों साल बाद भी मानव समाज, साधु-साध्वियां, श्रावक और श्राविकाएं अपने जीवन को सफल बनाने में लगे हुए हैं। यह विचार आचार्य नानेश स्मृति समता मुकीम भवन शैलेन्द्र नगर में आचार्यश्री रामेश के शिष्य संत हेमन्त मुनि ने धर्म सभा में शुभ संकल्प पर चर्चा करते हुए व्यक्त किया।

मुनिश्री ने श्रद्धालुओं से कहा कि मानव जीवन में संकल्पों का बड़ा महत्व है। संकल्प दो प्रकार से जीवन में आते हैं। शुभ संकल्प और अशुभ संकल्प। अशुभ संकल्प गहरी खाई का काम करता है, जबकि शुभ संकल्प जीवन की नैया पार कर देता है। इस ताकत के आगे सारे अशुभ संकल्प भाग जाते हैं।

  • छत्‍तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के शैलेन्द्र नगर स्थित समता मुकीम भवन में संत हेमन्त मुनि का संदेश जारी।

मुनि श्री ने आगे कहा कि सारे संसार में दुख ही दुख है। इस दुख से बचने के लिए प्रभु महावीर के संदेशों को अपनाएं। हमें उन्होंने जो सीख दी और जैसा जीवन जिया और अपनी आत्मा को परमात्मा बनाने का ज्ञान दिया। उनका अनुशरण करें। तीर्थंकरों के उपदेशों और संकल्पों को जो अपने जोवन में उतारेगा वही एक दिन इन संकल्पों के सहारे अपनी आत्मा को परमात्मा बना लेगा। उन्‍होंने आगे कहा- मैं एक भाग्यशाली संत हूं, जो भगवान महावीर के 82वें पट्टधर आचार्य श्री रामलाल म.सा. के निर्देश पर इसी लक्ष्‍य की प्राप्ति में लगा हूं।

Posted By: Kadir Khan

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