आकाश शुक्ला, रायपुर। Research On Vaccination: रायपुर मेडिकल कालेज में टीकाकरण के बाद सिर्फ एक फीसद में ही स्वास्थ्यगत समस्याएं आईं हैं। इसमें बुखार, बदन दर्द, जहां इंजेक्शन लगा, वहां गांठ, कमजोरी और चक्कर की शिकायत थी। यह समस्या भी एक से दो दिन तक ही रही। हालांकि किसी मरीज में गंभीर समस्या नहीं देखी गई। छत्तीसगढ़ में इस तरह का यह पहला शोध है।

मेडिकल कालेज के टीकाकरण कें द्र में पिछले छह महीनों में 50 हजार लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है। प्रदेश में 45 से अधिक आयु के 58.66 लाख से अधिक लोग हैं। इनमें 77.24 को पहला डोज और 12.02 फीसद को दूसरा डोज भी लगा है। वहीं 18 से 44 आयु वर्ग के 1.26 करोड़ लोगों में साढ़े सात लाख लोगों को पहला डोज लग चुका है।

रायपुर के पं. जवाहर लाल नेहरू मेमोरियल मेडिकल कोलज के चिकित्सा विशेषज्ञों द्वारा किया गया शोध लोगों को जागरूक करने के साथ ही राहत भी देने वाला है। रायपुर मेडिकल कालेज के फार्माकोलाजी विभाग में टीका लगने के बाद होने वाले साइड इफेक्ट को लेकर किए गए शोध में एक फीसद लोगों में आंशिक रूप से स्वास्थ्यगत समस्याएं आईं।

फार्माकोलाजी विभाग की विभागाध्यक्ष डाक्टर उषा जोशी, मेडिकल कालेज में टीकाकरण अधिकारी डाक्टर ओंकार खंडवाल ने बताया कि टीका लगने के बाद जिन लोगों को समस्याएं आई उनमें करीब 20 फीसद लोगों को किसी तरह की दवा खाने की जरूरत नहीं पड़ी, जबकि 80 फीसद लोगों ने सामान्य दिक्कतों के लिए दवाएं ली है।

कोरोना टीका पूरी तरह सुरक्षित है

'कोरोना टीका पूरी तरह सुरक्षित है। टीकाकरण बढ़ रहा है, ऐसे में लोगों पर हो रहे रिएक्शन को लेकर टीम का काम लगातार जारी है।

-डॉक्टर उषा जोशी, विभागाध्यक्ष फार्माकोलाजी विभाग, पं. जवाहर लाल नेहरू मेमोरियल मेडिकल कोलज

Posted By: Azmat Ali

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