रायपुर/बिलासपुर/रायगढ़ (ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ में चार दिनों की लगातार से कई नदियों का जल स्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। बाढ़ एवं आपदा राहत कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के अनुसार दुर्ग में शिवनाथ नदी खतरे के निशान से तीन फीट नीचे चल रही है। जांजगीर-चांपा में महानदी में 21 फीट पानी चल रहा है।

31 फीट होने पर खतरे के निशान से ऊपर हो जाएगा। गंगरेल, माडमसिल्ली, दुधावा, सोंढूर बांध में 50 फीसदी भराव हुआ है। कोंडागांव में कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर चल रही हैं। कोंडागांव के कोंकड़ी, भवरडीह पुल से 10 फीट, बनियागांव-बोटी कनेरा मार्ग से 7 फीट, दहीकोंगा नारंगी पुल से 3 फीट और गोधराबदर नारंगी पुल से 4 फीट ऊपर पानी चल रहा है।

बाढ़ एवं आपदा राहत विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बारिश का सबसे ज्यादा कहर महासमुंद जिले में दर्ज किया गया है। यहां पिछले दो दिन में 450 से ज्यादा मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, वहीं दो लोगों की मौत भी हो गई है। गरियाबंद के 36 गांव बाढ़ से घिरे हैं। नदियों में पानी आने से गरियाबंद से राजिम, छुरा मार्ग बंद हो गया है। पिथौरा में 300 लोगों के फंसे होने की जानकारी मिल रही है। सिकासेर बांध से 20 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जांजगीर चांपा के शिवरीनारायण में महानदी के पुल का जलस्तर पुल से 3 फीट ऊपर हो गया है। इससे बिलासपुर-सारंगढ़, कसडोल, सरायपाली मार्ग पर आवागमन ठप हो गया है।

शिवनाथ का तांडव, 27 गांव में पानी घुसने का खतरा

मोंगरा जलाशय से पानी छोड़ने के कारण शिवनाथ नदी में जल स्तर तेजी से बढ़ा है। शिवनाथ के किनारे स्थित ग्राम जोंधरा की निचली बस्ती में बाढ़ का पानी घुस गया, जिसके कारण 110 ग्रामीणों को स्कूल भवन में बने अस्थायी राहत शिविर में ठहराया गया है। मनियारी और शिवनाथ नदी के तांडव के कारण बिल्हा व मस्तूरी ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले करीब 27 गांव में पानी भरने का खतरा बढ़ गया है।

मोंगरा जलाशय का गेट खोले जाने के कारण शिवनाथ की सहायक नदी मनियारी का भी जलस्तर बढ़ गया है। इसके कारण अटर्रा, मंगला, पासीद, उड़नताल, कनेरी, मोहदा, डोमनडीह, अमेरीकांपा, पोड़ी (स), फरहदा, सरवानी, अमलडीहा, मटियारी, जोंधरा, भिलौनी, रहटाटोर, मनवा, कुकुरदी केरा सहित 27 गांवों में बाढ़ का पानी घुसने का खतरा बना हुआ है।

सारंगढ़-बिलासपुर मार्ग बंद, चंद्रपुर बना टापू

दो दिनों की भारी बारिश से सारंगढ़-बिलासपुर मार्ग बंद हो गया है। चंद्रपुर टापू बन गया है, तो रायगढ़-सारंगढ़-बरमकेला मार्ग भी बाधित है। रायगढ़ में महानदी खतरे के निशान से दो फीट ऊपर बह रही है। वर्तमान में 60 फीट के लेबल पर पानी का बहाव हो रहा है। इसके कारण टिमरलगा तथा घोटला बड़े से हजारों लोगों को हटाया गया है। 24 गांवों में अलर्ट जारी किया गया है।

सरिया के तोरा, बोर्रा, ठेंगालपाली, रतनपाली, लिट्टी, नदीगांव आदि में पानी आने से लोगों को निकाल कर लाया जा रहा है। गांवों से हटाए गए लोगों के लिए सरिया, बोंदा, भठली, भीखमपुरा, सांकरा, लूकापारा आदि गांवों के बनाए गए कैंप में ठहराया गया है। रायगढ़ एसडीएम केएस मंडावी ने बताया कि पुसौर के सूरजगढ़ में पानी घुसने की जानकारी के बाद मौके का जायजा लिया गया। पानी का बहाव कम हो रहा है और स्थिति खतरे से बाहर है।