रायपुर। Sarv Pitru Amavasya 2022: जो लोग पिछले 13 दिनों में अभी तक अपने पूर्वजों के निमित्त श्राद्ध में अर्पण, तर्पण पूजा नहीं कर सकें हैं, अथवा जिन्हें पूर्वजों की मृत्यु तिथि ज्ञात नहीं है, वे 25 सितंबर को पड़ रहे पितृ पक्ष अमावस्या पर तर्पण विधि, ब्राह्मण भोज, भंडारा आदि कर सकते हैं। इस दिन तीन योगों सर्वार्थ सिद्धि योग, बुधादित्य योग और त्रिकोण योग का संयाेग बन रहा है।

ज्योतिषाचार्य डा.दत्तात्रेय होस्केरे के अनुसार 25 सितंबर को सुबह 6.20 बजे से प्रारंभ होकर 26 सितंबर को सुबह 5.56 बजे तक सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा। साथ ही बुधादित्य योग और गुरु शक्ति का केंद्र त्रिकोण योग भी है। इन तीन संयोग में अर्पण-तर्पण करना फलदायी होगा। पितृ प्रसन्न होकर परिवार की सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देंगे।

महादेवघाट में सामूहिक तर्पण

जिन पूर्वजों की मृत्यु तिथि के बारे में पता नहीं है, उनके लिए विविध सामाजिक संगठन के नेतृत्व में महादेवघाट में अर्पण, तर्पण की व्यवस्था की जा रही है। महिलाओं की संस्था 'बुनियाद की बेटियों', अनमोल फाउंडेशन, हरसंभव फाउंडेशन, बेटी बचाओ मंच, सर्व ब्राह्मण समाज के सदस्य जल अर्पित करके सभी ज्ञात, अज्ञात मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करेंगे। ब्राह्मण भोज के अलावा भिक्षुओं को भोजन कराने के साथ ही महिलाओं को साड़ी, ब्लाउज का वितरण करेंगे। भंडारे में बड़ा, पूड़ी, सब्जी, फल, मिठाई वितरित करेंगे।

गायत्री शक्तिपीठ में श्राद्ध अमावस्या पूजा

समता कालोनी स्थित गायत्री शक्तिपीठ में पितृ अमावस्या पर ज्ञात, अज्ञात मृतकों की शांति के लिए विधिवत पूजा और जल अर्पित करने की परंपरा निभाई जाएगी। शक्तिपीठ में 200 से अधिक परिवारों के लिए अर्पण, तर्पण की व्यवस्था की जा रही है। ट्रस्टी श्याम बैस ने बताया कि गायत्री परिवार के परिव्राजक समस्त पूजन विधि संपन्न कराएंगे। तर्पण और पिंडदान करने वालों को धोती पहनकर आना होगा। जो लोग पूजन सामग्री नहीं ला सकते उनके लिए पूजन सामग्री गायत्री शक्तिपीठ द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी।

भंडारा प्रसादी

जिला साहू संघ के नेतृत्व में तेलघानी नाका में श्राद्ध का आयोजन किया गया है। माता कर्मा को भोग अर्पित करके पितरों को श्रद्धाजंलि दी जाएगी।

Posted By: Ashish Kumar Gupta

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