रायपुर। Retrograde Saturn 2021 On Mohini Ekadashi: न्याय के देवता शनिदेव रविवार 23 मई को मकर राशि में वक्री होने जा रहे हैं। शनिदेव लगभग 141 दिनाें तक यानी 11 अक्टूबर 2021 तक वक्री रहेंगे। इस दौरान शनि की इस वक्री चाल का असर सभी 12 राशियों में देखने को मिलेगा। कुछ राशियों को ये लाभ देंगे वहीं कुछ राशि वालों को परेशानी झेलनी पड़ेगी। छत्तीसगढ़ संत महासभा के प्रमुख एवं सुरेश्वर महादेव पीठ के संस्थापक ज्योतिषाचार्य स्वामी राजेश्वरानंद सरस्वती के अनुसार शनि मकर राशि में वक्री हो रहे हैं।

वैशाख शुक्ल एकादशी यानी मोहिनी एकादशी तिथि पर 23 मई को दोपहर 2.53 बजे शनिदेव वक्री (Retrograde Saturn 2021) होंगे। यह स्थिति आश्विन शुक्ल षष्ठी 11 अक्टूबर को सुबह 7.44 बजे तक रहेगी। इसके बाद शनिदेव वापस अपने इसी घर में मार्गी हो जाएंगे। शनि वर्तमान समय में मकर राशि और श्रवण नक्षत्र में गोचर कर रहे हैं।

धनु, मकर एवं कुंभ राशियों पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है। ऐसे में शनि का वक्री (Retrograde Saturn) होना इन राशियों को सबसे अधिक प्रभावित करता दिख रहा है। शनि की ढैय्या से प्रभावित मिथुन और तुला राशि पर भी इसका विशेष असर देखने को मिल सकता है।

मोहिनी एकादशी पूजा मुहूर्त

मोहिनी एकादशी तिथि की शुरुआत 22 मई को सुबह नौ बजकर 15 मिनट से हो चुकी है, जो 23 मई को 6.45 बजे तक रहेगी। चूंकि कोई भी तिथि सूर्योदय के वक्त विद्यमान हो तभी उस तिथि को मनाया जाता है इसलिए 23 मई को एकादशी और द्वाद्वशी के संयोग में मोहिनी एकादशी का व्रत किया जाएगा और पारणा 24 मई को होगा।

एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा नित्यकर्मों से निवृत्त होकर करें। व्रत के दौरान किसी के भी प्रति मन में कोई क्लेश न रखें। साथ ही किसी की बुराई या असत्य वचनों से भी बचना चाहिए। अन्यथा व्रत का फल नहीं मिलता है।

आरोग्य प्रदान करती है मोहिनी एकादशी

मान्यता है कि निर्मल मन से यदि कोई मोहिनी एकादशी का व्रत करे, तो भगवान विष्णु उसके सभी दुखों को दूर कर देते हैं। यह व्रत मोक्ष दिलाता है। साथ ही यह साधक को निरोगी भी बनाता है, इसलिए व्रत करने के बाद जरूरतमंदों को यथाशक्ति दान दें, भूखे व्यक्तियों को भोजन कराएं। इससे जाने-अंजाने में हुए सभी पाप नष्ट हो जाते हैं। मोहिनी एकादशी के दिन फल आटा एवं घी का दान, शक्कर, फल का दान करें।

Posted By: Shashank.bajpai

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