रायपुर Sawan Somvar 2020 : हर साल सावन सोमवार को प्रत्येक मंदिर के बाहर सजी अनेक दुकानों पर सैकड़ों पैकेट दूध, सैकड़ों नारियल और अन्य पूजन सामग्री का कारोबार फलता-फूलता था। इस बार कोरोना महामारी के चलते पहले ही सोमवार को दुकानदारों के चेहरों पर निराशा के भाव छाए रहे। मंदिरों में जलाभिषेक करने पर लगी रोक और दूर से ही दर्शन करने के आदेश के कारण दुकानों में दूध के पैकेट, नारियल और पूजन सामग्री की बिक्री न के बराबर हुई। मंदिर गेट के बाहर सूचना चस्पा कर दी गई थी कि पूजन सामग्री न चढ़ाएं। इस वजह से पूजन सामग्री का कारोबार बुरी तरह से प्रभावित हुआ।

दो हजार की जगह 50 नारियल बिके

महादेवघाट के ऐतिहासिक मंदिर के बाहर 15 साल से पूजन सामग्री बेच रहे दुकानदार रामेश्वर ने बताया कि हर साल सावन सोमवार पर वे सुबह से शाम तक 200 से अधिक नारियल बेच देते थे। यहां लगभग 20-25 दुकानदार मिलकर दो हजार नारियल की बिक्री कर लेते थे। इस साल पहले ही सावन सोमवार को बमुश्किल 50 नारियल ही बेच पाए। सभी दुकानदारों में निराशा छाई है।

दूध का आर्डर ही नहीं दिया

दुकानदार महेश कुमार ने बताया कि सावन सोमवार को 100-150 दूध के पैकेट की बिक्री हो जाती थी। इस बार जलाभिषेक की अनुमति नहीं होने से किसी भी दुकानदार ने दूध का आर्डर ही नहीं दिया। सभी को पहले ही पता चल गया है कि शिवलिंग पर दूध अर्पण करने की अनुमति नहीं है इसलिए दुकानदार घाटे से बच गए।

कांवर-केसरिया टी-शर्ट का कारोबार चौपट

अश्विनी नगर के कारोबारी प्रदीप अग्रवाल ने बताया कि सावन शुरू होने के पहले ही अनेक कांवरिया जत्था समिति के सदस्य लकड़ी से बने कांवर और केसरिया टी-शर्ट, हाफ पायजामा सैकड़ों की संख्या में खरीदते थे। इस बार कांवर यात्रा पर रोक लगने से लाखों रुपए का कारोबार प्रभावित होगा। हालांकि इस साल व्यापारियों को अंदेशा था कि कांवर यात्रा नहीं निकलेगी इसलिए किसी ने भी मॉल स्टॉक में नहीं रखा। यदि अनुमति मिलती तो लाखों रुपए की कमाई हो जाती।

प्रदेश में बिकता था एक करोड़ का भगवा वस्त्र

'छत्तीसगढ़ से हजारों कांवरिये झारखंड के देवघर शिवलिंग, बाबा अमरनाथ धाम, सिरपुर जैसे अनेक मंदिरों में भगवा वस्त्र धारण करके जाते थे। प्रदेशभर में लगभग एक करोड़ का भगवा वस्त्र का कारोबार होता था। इस साल 10 प्रतिशत कारोबार की भी उम्मीद नहीं है।' - चंदर विधानी, अध्यक्ष, पंडरी कपड़ा मार्केट

नहीं बढ़ा दूध का कारोबार

आम दिनों में प्रतिदिन देवभोग का 13 हजार लीटर दूध बिकता है। हर साल सावन सोमवार पर खपत बढ़कर 20 हजार लीटर तक पहुंच जाती है। इस साल कारोबार स्थिर रहा। हर दिन की तरह ही खपत रही। - शिव दत्ता, अध्यक्ष, देवभोग मिल्क पार्लर संघ

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