रायपुर। छत्तीसगढ़ की पहली महिला सांसद मिनीमाता की पुण्यतिथि पर रविवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अनुसूचित जाति की लंबे समय से चल रही मांग को पूरा करने की घोषणा कर दी। मुख्यमंत्री ने कहा है कि अनुसूचित जाति वर्ग को उनकी आबादी के अनुपात में आरक्षण मिलेगा।

इसके अलावा बघेल ने सतनाम पंथ के प्रवर्तक बाबा गुरु घासीदास की जन्मस्थली और तपोभूमि गिरौदपुरी धाम को उसकी गरिमा के अनुरूप विकसित करने और मिनीमाता की स्मृति में 11 कन्या छात्रावासों के निर्माण को अगले बजट में स्वीकृति देने की घोषणा भी की है।

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मिनीमाता की पुण्यतिथि का कार्यक्रम राजधानी के नया बस स्टैंड स्थित मिनीमाता उद्यान में रखा गया था, जहां मुख्यमंत्री ने मिनीमाता की प्रतिमा पर मार्ल्यापण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

इस अवसर पर गुरु घासीदास साहित्य एवं संस्कृति समिति के अध्यक्ष केपी खांडे ने मुख्यमंत्री को मांग पत्र देते हुए कहा कि अनुसूचित जाति को 12 फीसद आरक्षण दिया जा रहा है, जबकि जनगणना के अनुसार प्रदेश में इस वर्ग की आबादी 12.8 फीसद है।

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मुख्यमंत्री ने आरक्षण को आबादी के आधार पर करने की बात कही। कार्यक्रम में विधायक व पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम, विधायक अमितेष शुक्ल, राज्यसभा सदस्य छाया वर्मा, महापौर प्रमोद दुबे भी उपस्थित थे।

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