रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

नान घोटाले के आरोपित शिवशंकर भट्ट द्वारा शुक्रवार को कोर्ट में दिए गए शपथ पत्र के बाद पूर्व मुख्यमंत्री डॉ.रमन सिंह की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। भट्ट ने शपथ पत्र में पूर्व सीएम को पैसे देने का दावा किया है। नागरिक आपूर्ति निगम के एमडी रहे भट्ट का आरोप है कि वे खुद 2013 में नान के तत्कालीन अधिकारी कौशलेंद्र सिंह के साथ तीन करोड़ रुपये लेकर तत्कालीन मुख्यमंत्री के निवास पर गए थे। जिस वक्त रुपये दिए, उस वक्त पूर्व मुख्यमंत्री की पत्नी भी मौजूद थीं। इसी तरह 2013 में लीलाराम भोजवानी के साथ तत्कालीन खाद्य मंत्री पुन्नूलाल मोहले के निवास पर भी एक करोड़ रुपये देने का दावा किया है।

जेएमएफसी न्यायाधीश नीरज श्रीवास्तव के कोर्ट में पेश किए गए शपथ पत्र में यह भी कहा गया है कि राधाकृष्ण गुप्ता और अधिकारी कौशलेंद्र सिंह भी नान घोटाले में शामिल रहे हैं। साथ ही फरवरी 2014 में कौशलेंद्र सिंह मुझे लेकर ऐश्वर्या रेंसिडेंसी में रेणु सिंह के निवास पर पांच लाख देने गए थे। नागरिक आपूर्ति निगम के अधिकारी गिरीश शर्मा और चिंतामणि चंद्राकर भी आपस में लेन-देन करते थे। उन्हीं के रुपयों को मेरे नाम पर डालकर फर्जी जब्ती बनाई गई थी। शपथ पत्र में यह भी लिखा है कि 12 फरवरी, 2015 को ईओडब्ल्यू ने छापा मारकर एक करोड़ 62 लाख रुपये की जो जब्ती बनाई थी, वह फर्जी है।

कोई नहीं कर सकता था विरोध

अदालत में पेश शपथ पत्र के अनुसार 2011 से 2014 तक कस्टम मिलिंग में भी घोटाला किया गया। साल 2014-15 में नौ लाख मीट्रिक टन चावल का स्टाक था। कस्टम मिलिंग के लिए 13-14 में 550 करोड़ और 14-15 में 500 करोड़ की सब्सिडी जारी कर दी गई। साल 2003-04 से 2014-15 तक लगभग 10 हजार करोड़ रुपए की सब्सिडी स्वीकृत कर दी गई। इसके खिलाफ बोलने की किसी अधिकारी में हिम्मत नहीं थी। इसमें छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ के तत्कालीन अध्यक्ष राधाकृष्ण गुप्ता भी शामिल थे।

डॉ.रमन ने कहा था- चुनावी खर्च निकालना है

शपथ पत्र में सीधे-सीधे लिखा है कि 2013 में जब विधानसभा चुनाव हो रहा था तब डॉ.रमन सिंह ने कहा था कि चुनावी खर्च निकालना है, आप लोग किसी तरह का दिमाग लगाने का प्रयास न करें। इसके अलावा पंचायत चुनाव के लिए फंड एकत्रित करने की जिम्मेदारी भी मैंने उठाई है। यहां तक कि 2013 में 21 लाख फर्जी राशन कार्ड बनाए गए थे। इन कार्ड से तीन सालों तक चावल, चना दाल, नमक, मिट्टी तेल, गैस आदि घोटाला किया गया।