रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर समेत अन्य हिस्सों में स्टूडेंट ऑफ इस्लामिक मूवमेंट इंडिया (सिमी) का छह साल पहले मजबूत नेटवर्क था। इस नेटवर्क को नवम्बर 2013 में छत्तीसगढ़ एटीएस ने तोड़ा। रायपुर में रह रहे सिमी के छत्तीसगढ़ चीफ उमेर सिद्दीकी, एक नाबालिग समेत स्लीपर सेल से जुड़े 17 सिमी कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की थी। दरअसल भोपाल पुलिस के एनकाउंटर में मारे गए सिमी के आतंकी शेख मुजीब का रायपुर से गहरा नाता रहा। यहीं से उसने देश के कई हिस्सों में हुए बम धमाकों के लिए विस्फोटकों की सप्लाई की थी। शेख मुजीब ने ही फरार सिमी आतंकियों के रहने का इंतजाम रायपुर में कराया था। उसके नेटवर्क से उमेर आदि जुड़े हुए थे।

छत्तीसगढ़ आतंकियों का ठिकाना बनता जा रहा है। प्रतिबंधित संगठन सिमी की गतिविधियां रायपुर समेत अन्य जिलों में लंबे अर्से तक रहीं। टेरर फंडिंग व आईएसआई जासूसी कांड में पिछले साल गिरफ्तार मप्र के सतना निवासी बलराम सिंह के कनेक्शन भी प्रदेश से जुड़े निकले थे। खुफिया विभाग और एटीएस उसके कनेक्शन की पड़ताल कर रही है। वहीं आतंकी गतिविधियों में संलिप्त संदिग्धों को शार्ट लिस्ट किया है। हालांकि खुफिया विभाग के अफसर इस मामले में खुलकर कुछ भी बताने से बच रहे हैं, लेकिन उन्होंने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में तीन से चार संदिग्धों की गिरफ्तारी हो सकती है।

आत्मघाती दस्ता शाहीन फोर्स हो रहा था तैयार

रायपुर में सिमी का शाहीन फोर्स भी तैयार किया जा रहा था। शाहिन फोर्स महिलाएं और बच्चों का अत्मघाती दस्ता होता है जिसका इस्तेमाल बड़े व वीवीआईपी हमलों में किया जाता है। तकरीर में महिलाओं और बच्चों का ब्रेनवॉश उन्हें इस आत्मघाती दस्ते में शामिल होने उकसाया जाता है।

राज्य को मानते हैं सुरक्षित ठिकाना

30 सितंबर 2013 में खंडवा जेल ब्रेक के बाद फरार हुए मेहबूब समेत कुछ आतंकी ओड़िशा के राउरकेला में पकड़े गए थे। उस समय पुलिस ने खुलासा किया था कि आतंकी छत्तीसगढ़ को सबसे सुरक्षित स्थान मानते हुए अपना ठिकाना बनाना चाह रहे थे। आतंकी शेख मुजीब के अलावा महबूब और खालिद की ससुराल रायपुर में थी, जिसकी वजह से वो अक्सर यहां आते थे।

नागौरी ने फोर्स की थी शुरूआत

पुलिस की खुफिया रिपोर्ट में इसका जिक्र है कि सिमी का राष्ट्रीय महासचिव सफदर नागौरी और उसके भाई कमरुद्दीन ने शाहीन फोर्स बनाने की शुरुआत रायपुर में की थी। इसका खुलासा तब हुआ जब दोनो भाई वर्ष 2008 में इंदौर में पकड़े गए। इन्होंने हैदराबाद में पहले बच्चों को शाहीन फोर्स से जोड़ना शुरू किया था। इसके बाद महिलाओं को जोड़ने लगे थे। गिरफ्तारी के बाद नागौरी ने हैदराबाद में 110 और कर्नाटक में 40 महिलाओं की शाहीन फोर्स बनाने का खुलासा किया था। नईदिल्ली में सिमी के वूमन विंग शाहीन फोर्स की 23 महिलाएं भी गिरफ्तार हुई थीं।

ये हुए थे गिरफ्तार

वर्ष 2013 में उमेर सिद्दिकी, अब्दुल वाहिद, रोशन उर्फ जावेद, अब्दुल अजीज, शेख अजीजउल्ला, हैयात खान उर्फ राजू, मोईनुद्दीन, शेख हबीबउल्ला, मोहम्मद सईद, अजरुद्दीन कुरैशी, धीरज साव समेत 17 सिमी कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी हुई थी। 18 वां फरार सदस्य अजहरुद्दीन उर्फ अजहर अब पकड़ा गया। अजहर हैदराबाद से दूसरे शहर भागने की तैयारी में था। दरअसल उसे भनक लग गई थी कि पुलिस उसके पीछे लगी है। पुलिस को संदेह हैदराबाद को सिमी ने सपोर्ट बेस कैंप बनाकर रखा है।

केस वन

पिछले साल जम्मू में सेना ने देश की खुफिया जानकारी पाकिस्तान स्थित आईएसआई को भेजने वाले सतविंदर सिंह और दादू को पकड़ा था। पूछताछ में सतविंदर ने आइएसआइ से सीधे संबंध होने की जानकारी दी थी। उसने रायपुर, बिलासपुर में सक्रिय कुछ मददगारों के नाम भी बताए थे। सतविंदर के खाते में 10 हजार रुपये सतना से जमा कराए गए थे।

केस दो

भोपाल की सेंट्रल जेल से फरार होने के बाद एनकाउंटर में मारे गए सिमी के आठ आतंकियों की प्लानिंग भोपाल से नजीराबाद के रास्ते रायगढ़ फिर रायपुर पहुंचने की थी, लेकिन इससे पहले सभी पुलिस की गोलीबारी में मारे गए।

केस तीन

मई 2019 में पंजाब से आकर देवेंद्रनगर में किराए के मकान में फरारी काट रहे बब्बर खालसा संगठन के आंतकी निर्मल सिंह उर्फ निम्मा को पंजाब पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर पकड़ा था। उस समय रायपुर पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी थी।

Posted By: Nai Dunia News Network

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