रायपुर (राज्य ब्यूरो)। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित अंतागढ़ टेपकांड मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी और उनके पुत्र अमित जोगी को विशेष जांच टीम (एसआइटी) ने नोटिस जारी कर तलब किया है। एसआइटी दोनों लोगों का वॉइस सैंपल (आवाज का नमूना) लेना चाह रही है। इसके लिए जोगी पिता-पुत्र को 25 जून को सुबह 10.30 बजे गंज थाना परिसर स्थित साइबर कंट्रोल रूम में बुलाया गया है।

नोटिस में एसआइटी ने बताया है कि इस मामले में टीम के पास गवाहों के अपराध से संबंधित पेनड्राइव में वॉइस रिकॉर्डिंग मौजूद है। सैंपल लेने के बाद दोनों वाइस रिकॉर्डिंग का मिलाना किया जाएगा।

एसआइटी ने यह नोटिस कांग्रेस नेता और वकील किरणमयी नायक की पंडरी थाने में दर्ज कराई गई प्राथमिकी के आधार पर जारी किया है। इस प्राथमिकी में पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी, उनके पुत्र अमित जोगी के अलावा मंतूराम पवार, पूर्व मंत्री राजेश मूणत और पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के दामाद डॉ. पुनीत गुप्ता आरोपित हैं। सरकार ने इस मामले की जांच के लिए एसआइटी का गठन किया है।

अमित जोगी ने नोटिस पर उठाए सवाल

जकांछ नेता अमित जोगी ने नोटिस पर सवाल उठाते हुए कहा कि एसआइटी जिस पेन ड्राइव की बात कह रही है, उसका प्रमाण पत्र जारी करने से पहले नोटिस जारी नहीं किया जा सकता।

यह है मामला

2014 में अंतागढ़ विधानसभा सीट के लिए उप चुनाव में कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी मंतूराम पवार ने चुनाव के ठीक पहले नाम वापस ले लिया था, जिसके कारण भाजपा प्रत्याशी को वाक ओवर मिल गया। कुछ समय बाद एक आडियो वायरल हुआ, जिसमें नाम वापसी के लिए मंतूराम से सात करोड़ रुपये की कथित डील की बात सामने आई थी।

Posted By: Rahul Vavikar

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