संदीप तिवारी (रायपुर)। छत्‍तीसगढ़ में बेरोजगारों के लिए चलाई जा रही विभिन्न् योजनाओं का जमीन पर बेहतर असर नहीं दिख रहा है। इस बात से इन्कार नहीं किया जा सकता कि मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना से युवाओं को नौकरी और स्वरोजगार मिल रहा है लेकिन प्रशिक्षण करके निकल रहे युवा उतनी संख्या में नियोजित नहीं हो पा रहे हैं, जितनी की जरूरत है। युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए राज्य सरकार मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के नाम पर 84 करोड़ रुपये हर साल फूंक रही है। रोजगार की योजनाओं में सरकार अपना पूरा बजट भी खर्च नहीं कर पा रही है।

जानकारों की मानें तो मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री कौशल विकास योजनाओं की सही तरीके से मानिटरिंग करने की जरूरत है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत अब तक चार लाख 65 हजार 565 युवाओं को प्रशिक्षण और प्रमाणपत्र दिया गया है, लेकिन इनमें से आधे युवा ही रोजगार या स्वरोजगार कर पा रहे हैं।

कांग्रेस सत्ता में आई तब थे 24 लाख पंजीकृत बेरोजगार

सरकारी आंकड़ों के अनुसार दिसंबर 2018 में कांग्रेस जब सत्ता में आई तब प्रदेश में पंजीकृत बेरोजगारों की संख्या लगभग 24 लाख थी। अब वह घटकर 18 लाख के करीब रह गई है।

रोजगार के बजट को नहीं कर पा रहे खर्च

वित्तीय वर्ष बजट खर्च

2017-18 23,03,66,000 12,23,44,000

2018-19 23, 91,10,000 14, 30,42,000

2019-20 31,00,65,000 17,80, 53,000

2020-21 21,02,44,000 13,57,44,000

2021-22 24,18,52,000 9,87,95,000

बेरोजगारों का जीवित पंजीयन

वर्ष पंजीयन

2017 23,80,161

2018 23,25,085

2019 22,11,693

2020 18,84,138

2021 18,08,353

2022 18,00,000

जिला रोजगार कार्यालयों ने प्लेसमेंट से दिलाई नौकरी

वर्ष प्लेसमेंट कैंप इतनों को नौकरी

2017 294 6,287

2018 421 8,284

2019 391 6,055

2020 187 2,952

2021 175 2,236

सरकारी नौकरियों के मिले अवसर

राज्य सरकार ने पिछले तीन वर्ष में सरकारी और निजी क्षेत्र में करीब पांच लाख लोगों को रोजगार देने का दावा किया है। वर्तमान में राज्य में पंजीकृत बेरोजगारों की संख्या करीब 18 लाख है। दिसंबर 2021 तक राज्य लोकसेवा आयोग से 2,885 और व्यापमं से 4,530 नौकरियां, 14 हजार 580 शिक्षकों की भर्तियां, बिजली कंपनी में तीन हजार, स्वास्थ्य विभाग में चार हजार, पुलिस में करीब आठ हजार, राजस्व विभाग में 392 और वन विभाग में 3,861 नौकरियां शामिल हैं। इसी तरह महिला एवं बाल विकास विभाग में आठ सौ नौकरियां दी गई हैं।

कौशल विकास से मिला काम

वर्ष प्रशिक्षित रोजगार स्वरोजगार कुल नियोजन

2013-14 13,564 1,066 2,361 3,427

2014-15 39,628 6,481 8,383 14,864

2015-16 74,564 15,033 24,097 39,130

2016-17 1,03,792 26,582 30,300 56,882

2017-18 1,44,180 39,220 49,557 88,777

2018-19 77,021 22,988 21,413 44,401

2019-20 14,110 4,282 3,457 7,739

2020-21 00 00 00 00

2021-22 706 204 32 236

कुल 4,65,565 1,15,856 1,39,600 2,55,456

प्रमुख प्रशिक्षण और इतनों को ही मिला रोजगार

प्रशिक्षण क्षेत्र प्रशिक्षित रोजगार व स्वरोजगार

निर्माण कार्य 87,063 55,344

सूचना व संचार 70,115 28,774

कपड़ा बनाना 46,420 25,139

कृषि 35,244 21,069

आटोमोबाइल 25,185 12,736

इलेक्ट्रिकल 24,706 12,498

चिकित्सा व नर्सिंग 22,707 11,109

सुरक्षा 16,699 11,207

इलेक्ट्रानिक्स 12,435 6,671

ब्यूटी कल्चर 9,708 4,731

क्या है मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना

छत्‍तीसगढ़ के बेरोजगार युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए प्रदेश में मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना चलाई जा रही है। इसमें 706 कोर्स हैं, जिनमें कौशल प्रशिक्षण दिया जाता है। अभ्यथर्थियों के आवेदन पर निश्‍शुल्‍क प्रशिक्षण देने का प्रविधान है। इस वर्ष करीब 25 हजार युवाओं को प्रशिक्षित करने की योजना है। कौशल प्रशि‍क्षण के लिए इच्छुक आवेदक को आनलाइन आवेदन करने की सुविधा है। प्रशि‍क्षण देने के लिए इच्छुक संस्थाओं को आनलाइन आवेदन करना होता है। प्रशि‍क्षण के लिए बैच निर्माण, प्रशि‍क्षण प्रारंभ करने की अनुमति और प्रशि‍क्षण के बाद मूल्यांकन की आनलाइन प्रक्रिया की व्यवस्था की जाएगी। कौशल प्रशि‍क्षण के दौरान बायोमैट्रिक डिवाइस के माध्यम से प्रशि‍क्षणार्थियों की आनलाइन उपस्थिति की मानिटरिंग की जाती है। मूल्यांकन के बाद प्रशि‍क्षणार्थियों को डिजिटल प्रमाणपत्र वितरित किया जाता है।

स्थानीय कुशल श्रमिकों की इसलिए है कमी

रोलिंग मिल एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय त्रिपाठी ने कहा, प्रदेश के अलग-अलग उद्योगों में कुशल श्रमिकों में छत्तीसगढ़ और बाहरी राज्यों के श्रमिक कार्यरत हैं। स्टील सेक्टर में कुछ ऐसे काम हैं, जिनके लिए स्थानीय स्तर पर कुशल श्रमिकों की कमी रहती है। शासन-प्रशासन स्तर पर एक ऐसी नोडल एजेंसी होनी चाहिए, जिसमें हमें अपने उद्योगों की जरूरतों के हिसाब से कुशल और अकुशल श्रमिकों की उपलब्धता हो जाए। इससे राज्य के मूल निवासियों को फायदा पहुंचेगा।

रोजगार एवं कौशल विकास के संचालक अवनीश कुमार शरण ने कहा, कौशल विकास योजना में कितने प्रशिक्षित हो रहे हैं और कितने को रोजगार मिल रहा है, अभी जानकारी नहीं दे पाऊंगा।

Posted By: Ashish Kumar Gupta

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