रायपुर। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना 'नरवा, गस्र्वा, घुस्र्वा, बाड़ी" के तहत बनने वाले गोठानों में बिजली संचालित पंप की जगह सोलर पंप लगाए जाएंगे। इस पर अनुमानित 477 करोड़ स्र्पये खर्च होंगे। सोलर पंप लगाने में सरकार मदद करेगी, लेकिन व्यय होने वाली राशि का पांच फीसद हिस्सा गोठान चलाने वाली समितियों को वहन करना होगा।

सौर सुजला योजना के तहत चालू वित्तीय वर्ष में 20 हजार सोलर पंप लगाने का लक्ष्य है। राज्य सरकार ने अपनी महात्वाकांक्षी योजना 'नरवा, गस्र्वा, घुस्र्वा, बाड़ी" को सौर सुजला योजना से जोड़ दिया है। मतलब, सौर सुजला योजना के लक्ष्य को पूरा करने में 'नरवा, गस्र्वा, घुस्र्वा, बाड़ी" योजना मददगार साबित होगी।

वहीं, 'नरवा, गस्र्वा, घुस्र्वा, बाड़ी" के तहत बनने वाले गोठानों में पंप की जरूरत होगी, जिसकी पूर्ति में सौर सुजला योजना सहायक होगी। ऐसा करके राज्य सरकार ने बिजली की खपत को कम करने की दिशा में काम किया है। 41 सौ सुराजी गांव हैं, जिसमें से इस वित्तीय वर्ष के अंत तक 21 सौ गांवों में गोठान शुरू करने का लक्ष्य है। इन सभी गांवों में गोठान बनने के बाद उसके संचालन की जिम्मेदारी एनजीओ या गांव के महिला स्व-सहायता समूह या युवाओं की समितियों को दे दी जाएगी। गोठान में पानी की व्यवस्था के लिए सोलर पंप लगवाए जाएंगे।

Posted By: Hemant Upadhyay