रायपुर। राजधानी के उद्योगपति प्रवीण सोमानी अपहरणकांड का पुलिस को अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया। अपहरणकर्ताओं को दबोचने सातवें दिन भी पुलिस की आठ अलग-अलग टीमे हवा में हाथ पैर मार रहीं है। आसपास के जिलों में कैंप करने के साथ कुछ टीमे पड़ोसी राज्य झारखंड, बिहार और उप्र में खाक छान रहीं है। फिलहाल अपहरणकर्ताओं का सुराग तो दूर पुलिस के अफसर अब यह भी दावे के साथ नहीं कह पा रहे हैं कि आखिर किस गिरोह का यह काम है। हालांकि पुलिस पहले दिन से ही बिहार के पेशेवर गिरोह पर शक जाहिर कर रही है।

सिलतरा स्थित सोमानी प्रोसेसर इस्पात कंपनी के मालिक प्रवीण सोमानी की बुधवार शाम से फैक्टरी से कार से घर लौटते समय कार सवार अज्ञात अपहरणकर्ताओं ने रिंग रोड नंबर तीन पर रूकवाकर अगवा कर लिया। उनकी कार को दलदल सिवनी मार्ग पर उनके पार्टनर की रामकुटीर परसुलीडीह स्थित ऑफिस के पास पार्क कर अपहरणकर्ता बलौदाबाजार रोड से बिलासपुर की तरफ भाग निकले थे।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि प्रवीण का अपहरण करने का तरीका प्रोफेशनल गिरोह जैसा होने से बिहार गिरोह पर शक है। हालांकि प्रवीण से कुछ कारोबारियों से लेनदेन का विवाद भी चला आ रहा था लिहाजा ऐसे दस कारोबारियों पर भी गायब कराने की आशंका है, लिहाजा एक-एक करके सभी को बुलाकर पूछताछ की जा रही है। अब तक करीब तीस से अधिक लोगों से पूछताछ की गई है।

ऐसे काम कर रही टीम

लापता प्रवीण सोमानी को तलाशने पुलिस की 40 सदस्यीय आठ टीम दिन रात तफ्तीश कर रही है। इसमें तीन एडिशनल एसपी के साथ दो डीएसपी, तीन सीएसपी, छह निरीक्षक को लगाया गया है। दो टीम बिहार, झारखंड, एक टीम को उप्र और एक टीम को बिलासपुर और उसके आसपास इलाके में सर्चिंग करने लगाया है। क्योंकि अपहरणकर्ताओं को अंतिम लोकेशन बिलासपुर पाया गया था। ऐसे में पुलिस को शक है कि अगवा कारोबारी को कहीं सीमावर्ती इलाके के सूनसान स्थानों में न रखा गया हो।

टीम वन

यह टीम फैक्टरी से लेकर घटनास्थल के साथ बलौदाबाजार रोड, तिल्दा और उससे जुड़े सड़कों पर लगे सीसीटीवी कैमरे, डीवीआर, सीसीटीवी फूटेज खंगालने में लगी है। रोज सीसीटीवी फूटेज निकालकर जांच कर ये टीम अफसरों को रिपोर्ट दे रही है।

टीम दो

तकनीकी जांच, मोबाइल के काल डिटेल, टावर डंप निकालकर अफसरों तक पहुंचा रही है। लापता प्रवीण के पिछले दो महीने के काल डिटेल खंगाला गया है। उससे बातचीत करने वाले 30 से अधिक नंबरों को चिन्हांकित कर पूछताछ करने वाली टीम को भेजा जा रहा है।

टीम तीन

प्रदेशभर में पिछले कुछ सालों के भीतर हुए अपहरणकांड को अंजाम देने वाले गिरोह के सदस्यों के ताजा लोकेशन जुटाने का काम। आसपास के राज्यों के गिरोह के मूवमेंट की जानकारी। कब-कब, कहां-कहां वारदात की इसका ब्यौरा बनाकर अफसरों को देने का काम।

टीम चार

प्रवीण सोमानी से संपत्ति विवाद, लेनदेन, रंजिश समेत अन्य विवादों की जानकारी जुटा रही है।

टीम पांच

मुखबिरों के सहारे संदेहियों की जानकारी जुटाने, उद्योगपति के घर और फैक्टरी में किनका आना-जाना रहा। घटना दिनांक को कौन लोग मिलने फैक्टरी आए थे। उनके साथ प्रवीण की क्या बात हुई।

टीम छह

सभी टीमों की रिपोर्ट लेकर संदेहियों से पूछताछ, उसके आधार पर अफसरों को जानकारी उपलब्ध करा रहे हैं।

टीम सात

सिविल लाइन स्थित साइबर लैब में बैठकर सभी टीमों से लगातार संपर्क कर उनके द्वारा उपलब्ध एक-एक जानकारी को एकत्र कर अफसरों तक पहुंचा रही है।

टीम आठ

एसएसपी रायपुर खुद इस टीम में शामिल हैं। वे लगातार उपलब्ध जानकारी के आधार पर एडिशनल एसपी, डीएसपी रैंक के अफसरों की बैठक कर चर्चा उपरांत सभी टीमों को दिशा-निर्देश दे रहे हैं।

Posted By: Nai Dunia News Network

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