रायपुर। सोमानी अपहरणकांड में पकड़े गए पप्पू गिरोह के लोकल बदमाश दोंदेकला के अनिल चौधरी की शनिवार को पुलिस ने शिनाख्ती परेड कराई। कारोबारी प्रवीण ने अनिल को देखते ही कहा, इसने ही अपने साथियों के साथ धक्का देकर कार में बैठाया था। उससे पहले कभी नहीं देखा था। पुलिस ने शिनाख्ती के बाद अनिल को घटनास्थल पर ले जाकर रीक्रियेशन भी कराया।

सिलतरा पेट्रोल पंप चौक जहां से सोमानी की कार का पीछा कर दो अलग-अलग कार में सवार पप्पू चौधरी समेत उसके गिरोह के दस बदमाश रिंग रोड तीन पर स्थित परसुलीडीह में कार को रोककर सोमानी को नीचे उतारने के बाद अपनी कार में बैठाया था। इसके बाद दो बदमाश कार को वहीं पार्क कर सोमानी को लेकर सीधे सिमगा, बेमेतरा होते हुए चिल्फी घाटी से मंडला होते उप्र चले गए थे।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि प्रवीण सोमानी अपहरणकांड के फरार मास्टर माइंड पप्पू चौधरी उर्फ गौरव कुमार समेत आफताब नेता, शिशिर, तूफान, सुमन कुमार, बाबू, अजमल, अंकित की धरपकड़ की कोशिशें तेज हो गई हैं। उप्र और बिहार पुलिस को इन फरार बदमाशों की गतिविधियों पर निगाह रखने को कहा गया है। लिहाजा बिहार डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने आला अफसरों की बैठक लेकर पप्पू समेत उसके गुर्गो को दबोचने के निर्देश दिए हैं। एक दो दिन के भीतर रायपुर पुलिस की टीम बिहार, उत्तरप्रदेश और अन्य राज्यों के लिए रवाना होगी।

अपराधिक गतिविधियों को छिपाने राजनैतिक पार्टी का लिया सहारा

जानकार सूत्रों ने बताया कि मूलतः उप्र के अंबेडकर नगर जिले के नगर पंचायत इल्तिफातगंज थाना इब्राहिमपुर निवासी आफताब नेता के कई बड़े नेताओं से संबंध निकले हैं। वह खुद भी एक राजनीतिक दल का पदाधिकारी रह चुका है। कुछ माह पहले ही उसे पार्टी से निष्कासित किया गया था। जमुनीपुर में आफताब की एक क्लीनिक है। वह क्लीनिक की आड़ में चंदन सोनार और पप्पू गिरोह के लिए काम करता है।

उसी ने प्रवीण सोमानी को लगातार 13 दिनों तक नींद का इंजेक्शन देकर बेहोश करके रखा था। अंबेडकर नगर जिले के जमुनीपुर बाजार निजी क्लीनिक पर ही आपराधिक गतिविधियों में जुड़ा रहा। आफताब ने अपनी आपराधिक गतिविधियों को छिपाने के लिए एक राजनीतिक दल का सहारा लिया था अंबेडकर नगर जिले में वह पार्टी का पदाधिकारी भी बना, लेकिन कुछ महीने बाद उसके आपराधिक रिकार्ड को देखते हुए पार्टी ने उसे निष्कासित कर दिया था।

सोमानी को आफताब की क्लीनिक लेकर गया था पप्पू

पप्पू चौधरी गैंग ने उद्योगपति प्रवीण सोमानी का अपहरण करने के बाद उत्तरप्रदेश के अंबेडकर नगर जिले के जमुनीपुर बाजार स्थित आफताब नेता की क्लीनिक में ले गया था। वहां कई दिनों तक नजरबंद करके बेहोशी का इंजेक्शन लगाकर रखा गया था। इंजेक्शन लगाने में आफताब की भूमिका रहती थी। अंबेडकर नगर और उससे सटे जनपदों में आफताब पिता पीर मोहम्मद का भी आपराधिक इतिहास रहा है। जाली नोट खपाने के मामले में वह जेल भी जा चुका है। इसके अलावा अपहरण, लूट के कई मामले भी उसके खिलाफ उप्र के कई थानों में दर्ज हैं। वर्ष 2009 में वह दो साल करीब जेल भी काट चुका है। यही नहीं युवतियों के रैकेट चलाने समेत अन्य कई गंभीर गतिविधियों में भी उसकी संलिप्पतता रही है।

- सोमानी अपहरणकांड के फरार आठ आरोपितों का ब्योरा जुटाया जा रहा है। पुलिस टीम उन्हें पकड़ने के लिए फिर से उप्र, बिहार रवाना होगी। -आरिफ शेख, एसएसपी रायपुर

Posted By: Nai Dunia News Network

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