रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

लगभग पांच हजार साल पहले भादो कृष्ण की अष्टमी को आधी रात रोहिणी नक्षत्र में भगवान कृष्ण का जन्म हुआ था। इस साल अष्टमी तिथि दो दिन पड़ने से दो दिनों तक जन्माष्टमी की धूम रहेगी। किसी मंदिर में 23 को और किसी में 24 को जन्माष्टमी मनाई जाएगी। चूंकि 24 को रोहिणी नक्षत्र का संयोग इसलिए अधिकांश मंदिरों में 24 को ही जन्माष्टमी मनाने की तैयारी जोरशोर से की जा रही है।

किसी मंदिर में कान्हा के लिए चांदी का झूला सजेगा तो कहीं फल-फूल, मेवों से झूलों का श्रृंगार करेंगे। सबसे खास आकर्षण जवाहर नगर स्थित राधा-कृष्ण मंदिर में होगा। मुख्य पुजारी पं.मलैय्या महाराज एवं पं.लल्लू महाराज ने बताया कि मंदिर में 24 अगस्त की आधी रात को संगीत के माध्यम से बादल गरजने और बिजली चमकने का दृश्य दिखाई देगा। भगवान के जन्म के समय शिशु के रोने की आवाज भी सुनाई देगी। साथ ही भगवान कृष्ण की जन्मस्थली कारावास के सात द्वारों का निर्माण भी किया जाएगा। फलों से सजे झूले में लड्डू गोपाल को झुलाया जाएगा।

501 किलो दूध से अभिषेक

सुबह 8.30 बजे जुगलजोड़ी सरकार का 501 किलो दूध से दुग्धाभिषेक करके दोपहर 11 बजे महाआरती की जाएगी। भक्तों को दही, माखन-मिश्री का प्रसाद बांटा जाएगा। शाम को फलों का झूला सजाकर लड्डू गोपाल को विराजित किया जाएगा। परिसर में स्थित शिवालय में चांदी के आभूषणों से श्रृंगार होगा। रात्रि 8 बजे से राधे मंडल का भजन और रात्रि 12 बजे ढोल, मंजीरा, शंख, थाली बजाने के साथ आतिशबाजी करके महाआरती की जाएगी। अगले दिन 25 अगस्त को नंदोत्सव मनाया जाएगा। धूमधाम से शोभायात्रा निकाली जाएगी।

इस्कॉन मंदिर

टाटीबंध स्थित श्रीश्री राधा रासबिहारी मंदिर (इस्कॉन) समिति के प्रचार प्रभारी दिलीप केडिया व राजेन्द्र पारेख ने बताया राधा-कृष्ण का श्रृंगार मुंबई से मंगाए गए आभूषणों से और वृंदावन से लाई गई पोशाक से किया जाएगा। पूरे मंदिर परिसर को बेंगलुरू व कोलकाता से मंगाए गए फूलों से सजाया गया है। तीन दिवसीय समारोह की शुरुआत 23 को नृत्य प्रतियोगिता से हो रही है। 24 अगस्त को विशाल डोम में सुबह से रात तक श्रीकृष्ण की बाल लीला का गुणगान किया जाएगा। रात्रि 12 बजे जन्मोत्सव, आरती के साथ छप्पन भोग लगेगा। 25 अगस्त को व्यास महोत्सव व श्रीला प्रभुपाद का गुणगान के साथ महोत्सव का समापन होगा।

समता कॉलोनी मंदिर

समता कॉलोनी स्थित राधा-कृष्ण मंदिर में पिछले एक माह से सावन झूला सजाया जा रहा है। मंदिर समिति के अध्यक्ष घनश्याम पोद्दार व प्रचार प्रभारी सत्येन्द्र अग्रवाल ने बताया कि राधा-कृष्ण की प्रतिमा का विशेष श्रृंगार व कान्हा के लिए फूलों का झूला सजेगा। सुबह दुग्धाभिषेक होगा और रात्रि में भजनों की प्रस्तुति होगी।

खाटू श्याम मंदिर

समता कॉलोनी के खाटू श्याम मंदिर में चांदी के सिंहासन पर विराजे भगवान का फूलों से श्रृंगार किया जाएगा। रात्रि में भजन और महाआरती के पश्चात प्रसाद वितरण किया जाएगा।

पूरे माहभर सजाया झूला

बूढ़ापारा के गोकुल चंद्रमा मंदिर और सदरबाजार के गोपाल मंदिर में पूरे सावन माह काजू, किशमिश, बादाम, पान, मूंगफली, फूल के अलावा चांदी-सोने के गहनों से झूले का श्रृंगार किया गया। जन्माष्टमी की रात महाआरती के पश्चात प्रसाद वितरण एवं अगले दिन नंदोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा।