रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

दो साल से निर्वाचन में लगी रोक के कारण राजधानी समेत प्रदेशभर के कॉलेजों में छात्र नेता मनोनयन से चुने जा रहे हैं। इनमें ज्यादातर कॉलेजों में मेधावियों में छात्राएं अव्वल हैं। लिहाजा वे ही अध्यक्ष की कमान संभाल रही हैं। ऐसे में नईदुनिया ने जब इन छात्रसंघ अध्यक्षों से उनके आने वाले दिनों के छात्रहित के लिए मुद्दों पर बात की तो ज्यादातर ने कहा कि यह पद उनके लिए मजबूरी बन गया है। वे भले ही छात्र राजनीति में पढ़ाई में बेहतर होने के कारण आ गई हैं, लेकिन उनका पहला लक्ष्य प्रशासनिक पद पर जाना है। ज्यादातर अध्यक्षों ने राजनीति में आने से तौबा कर ली। उनका मानना है कि राजनीति में सफलता तो है, लेकिन अनिश्चितता ज्यादा है। शहर के प्रमुख कॉलेजों में छात्राएं ही अध्यक्ष बनी हैं। महंत कॉलेज में सरिता शर्मा, दुर्गा कॉलेज में भाविका अग्रवाल, छत्तीसगढ़ कॉलेज में साक्षी शर्मा, डिग्री गर्ल्स कॉलेज में मोनिका साहू, रविवि की अध्ययनशाला में मोनिका अध्यक्ष मनोनीत हुई हैं। इसी तरह गुरुकुल महिला कॉलेज, डागा कन्या कॉलेज, नवीन कन्या राधाबाई कॉलेज अन्य कॉलेजों में मनोनयन की प्रक्रिया के बाद जो चुने जा रहे हैं, उन पदाधिकारियों पर प्रमुख छात्र संगठनों की पैनी नजर है। गौरतलब है कि कॉलेजों में स्नातकोत्तर के प्रथम वर्ष और अंतिम वर्ष में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की मेरिट सूची के आधार पर जिनका सर्वाधिक अंक है, उन्हें अध्यक्ष चुना जा रहा है।

राजनीति में कोई रुचि नहीं

मैं पहले ही यहां मनोनयन के चलते वाइस पे्रसीडेंट थी। हमारे ऊपर प्रेसीडेंट थे। अभी अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली है जिसे निभाना बहुत मुश्किल है। पढ़ाई के साथ कोचिंग भी है। ऐसे में सामंजस्य बिठाना मुश्किल होगा। मैं प्रोफेसर बनना चाहती हैं। राजनीति में कोई रुचि नहीं है। किसी भी छात्र संगठनों से मेरा वास्ता नहीं है। हालांकि मैं अपना कर्तव्य निभाउंगी।

- दीक्षा शुक्ला, छात्रसंघ अध्यक्ष साइंस कॉलेज व मैथ्स एमएससी की छात्रा

शिक्षा के माध्यम में अध्यक्ष बनने पर खुशी

शिक्षा हर व्यक्ति को पद दिलाती है। मैं निर्वाचन से नहीं, बेहतर पढ़ाई के कारण मनोनयन से यहां आई हूं। राजनीति को गंदा नहीं मानती हूं। राजनीति भी समाज का हिस्सा है। छात्रहित में काम करूंगी। हालांकि छात्र राजनीति में आने का सिर्फ संयोग है। पढ़ाई पर अधिक फोकस है। पढ़ाई के बाद मैं आइएएस बनना चाहती हूं। - साक्षी शर्मा, छात्रसंघ अध्यक्ष छत्तीसगढ़ कॉलेज एवं एमए इतिहास छात्रा।

विवि में हैं कई सारे मुद्दें, उन्हें उठाऊंगी

विवि की अध्ययनशाला में बतौर अध्यक्ष मुझे जो जिम्मेदारी मिली है, उसे बखूबी निभाऊंगी। विवि में बहुत सारी समस्याएं हैं। खासकर हॉस्टल में साफ-सफाई। यहां कैंटीन रेस्टोरेंट की तरह है। महंगा खाना मिलता है। मुझे लगता है विद्यार्थियों के लिए कैंटीन का सामान सस्ता होना चाहिए। राजनीति में मैं अपने मेरिट के आधार पर आई हूं। हर पद का एक अनुभव होता है, मुझे यह पद बोझ नहीं लगता है। हालांकि भविष्य में मैं प्रशासनिक पदों पर जाना प्रीफर करूंगी।

- मोनिका, छात्रसंघ अध्यक्ष, रविवि अध्ययनशाला व एमएससी इलेक्ट्रानिक्स छात्रा।

मैं अपनी मर्जी से नहीं आई

मेरा प्रतिशत सबसे अधिक है, इसलिए मुझे अध्यक्ष बना दिया गया है। मैं यहां अपनी मर्जी से नहीं आई हूं। मैं किसी छात्र संगठन को समर्थन नहीं करती हूं। मुझे राजनीति में कोई रुचि नहीं है। हालांकि जो दायित्व मिला है उसे निभाउंगी। भविष्य में मैं प्रशासनिक पदों पर जाना चाहूंगी। राजनीति भी समाज का हिस्सा है लेकिन मैें रुचि नहीं रखती हूं। - मोनिका साहू, छात्रसंघ अध्यक्ष, डिग्री गर्ल्स कॉलेज व एमएससी गणित छात्रा।

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