रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। एयरपोर्ट के समीप जैनम मानस भवन परिसर में निर्माणाधीन धर्मनाथ जिनालय मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह दिसंबर माह में होगा। मंदिर में विराजित की जाने वाली प्रतिमा 28 अक्टूबर को पड़ रहे पुष्य नक्षत्र के संयोग में राजधानी लाई जा रही है।

यह जानकारी सदरबाजार स्थित जैन मंदिर में चल रहे प्रवचन सभा में जैनम मानस समिति के सदस्य अमर बरलोटा ने श्रद्धालुओं को दी। श्री बरलोटा ने बताया कि माना विमानतल के समीप जैनम मानस धाम परिसर के नवनिर्मित जिनालय में प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव 8 दिसंबर से प्रारंभ होगा।

इससे पूर्व नूतन जिनालय में विराजित की जाने वाली जिनेश्वर परमात्मा की प्रतिमा रवि-पुष्य नक्षत्र पर 28 अक्टूबर को राजधानी पहुंच रही है। प्रतिमा के प्रथम दर्शन जैन मंदिर सदरबाजार में होंगे। यह प्रभु प्रतिमा सदर जैन मंदिर में नौ दिनों तक दर्शनार्थ विराजित रहेगी, तदुपरांत नगर के अन्य जिनालयों में प्रभु प्रतिमा को दर्शनार्थ ले जाया जाएगा।

श्रीऋषभदेव मंदिर में साध्वी सिद्धोदयाश्रीजी ने प्रवचन में कहा कि मानव भव में जीव को अल्पावधि का जीवन प्राप्त हुआ है। अन्य योनियों में तो जीव अनंत बार जन्म-मरण करता ही रहता है। यह दुर्लभ मानव जीवन हमें अनंत काल के संचित पुण्यों से प्राप्त हुआ है, इस जीवन का सदुपयोग हमें आत्म कल्याण के लिए करना चाहिए। हमें स्वयं के आत्मोत्थान के लिए धर्म के मार्ग का अनुसरण निरंतर करने रहना चाहिए।

दरबार में विराजीं गौतम स्वामी व दादा गुरूदेव की प्रतिमाएं

चातुर्मास समिति के तरूण कोचर ने बताया कि साध्वी शुभंकराश्रीजी ने श्रद्धालुओं को मांगलिक का श्रवण कराया। साथ ही आराधना हाल में निर्मित नवकार दरबार में प्रभु पाश्र्वनाथ, गौतम स्वामी एवं दादा गुरूदेव की प्रतिमाओं को विराजमान किए जाने की जानकारी दी। प्रतिमाओं को विराजित कराने का पुण्यलाभ प्राप्त करने श्रावक-श्राविकाओं से विविध व्रत-उपवास के संकल्प कराए गए।

Posted By: Kadir Khan

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