रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)।

अनुबंधित निविदा दर (आरसीओ) में गड़बड़ी के प्रकरण में बीज निगम ने दो साल के लिए त्रिमूर्ति प्लांट साइंसेस कंपनी को प्रतिबंधित कर दिया है। कंपनी द्वारा घटिया हाइब्रिड धान बीज की आपूर्ति के मुद्दे को नईदुनिया ने प्रमुखता से उठाया था। इसके बाद मामला विधानसभा में गूंजा तब त्रिमूर्ति कंपनी को बीज निगम ने बीज की आपूर्ति के लिए दो साल तक प्रतिबंधित कर दिया। इसके बाद कृषि विभाग ने हाइब्रिड धान का सैंपल जांच के लिए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की अधिसूचित लैब में एक महीने पूर्व भेजा था। सूत्रों के मुताबिक वहां त्रिमूर्ति कंपनी का सैंपल फेल हो गया है। अब अफसर रिपोर्ट जारी करने से बच रहे हैं। कंपनी को पूर्णकालिक तौर पर ब्लैक लिस्टेड करने की कार्रवाई से बचाने के लिए यह खेल खेला जा रहा है।

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय की लैब में कंपनी के धान बीज सीओ-फोर टीएनआरएच-174 का नमूना फेल हो चुका है। इधर, बीज निगम और आपूर्ति लेने वाले उप संचालक कृषि कंपनी को भुगतान कराने में लगे हैं। इसके लिए अधिकारियों पर राजनीतिक दवाब भी है। कंपनी को बचाने के लिए अधिकारियों का सिंडिकेट लगा हुआ है।

--एक माह पूर्व भेजे गये नमूने की रिपोर्ट जारी नहीं

कंपनी बाजार में जो बीज की आपूर्ति कर रही है उसके पैकेट पर सिर्फ टीएनआरएच-174 लिखा है। पूर्व में राजफाश हुआ था कि यह कंपनी के खुद का बीज नहीं है। यह तमिलनाडु विश्वविद्यालय की खोजी गई किस्म है। इस विवि की किस्मों को त्रिमूर्ति और राशि कंपनी ने अपनी बताकर बेचा। इस गड़बड़ी को उजागर करने से अधिकारी बच रहे हैं।

---एक-दूसरे पर थोप रहे जिम्मेदारी

त्रिमूर्ति और राशि सीड कंपनी के हाइब्रिड धान के मेल और फीमेल एक ही हैं। इन दोनों कंपनियों ने सीओ-फोर किस्म की आपूर्ति कर दी। पूर्व में इसका पर्दाफाश होने के बाद बीज निगम की दलील थी कि कंपनियों के बीज के नमूने भेजने की जिम्मेदारी कृषि विभाग की है। वहीं कृषि विभाग ने कहा कि आपूर्ति लेने से पूर्व बीज निगम को हाइब्रिड धान के डीएनए की प्रामाणिकता की जांच करनी चाहिए थी।

--खरीफ फसल के दौरान दागी कंपनी ने ही की आपूर्ति

अनुबंधित निविदा दर में गड़बड़ी करने और घटिया हाइब्रिड धान बीज की आपूर्ति की शिकायत के बावजूद कंपनी से 1300 क्विंटल बीज की आपूर्ति बीज निगम ने ली। वहीं कंपनी को भुगतान करने का भी खेल चला। उप संचालकों के पत्र के आधार पर बीज निगम ने त्रिमूर्ति को भुगतान किया।

---वर्जन----

जांच रिपोर्ट आने के बाद कंपनी को नियमतः पूर्णकालिक ब्लैक लिस्टेड करने का प्रावधान है। राशि सीड कंपनी के उत्पाद के नमूने की जांच कृषि विभाग को कराना है।- अनिल साहू, एमडी, राज्य बीज निगम

Posted By: Nai Dunia News Network

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