रायपुर। Chhattisgarh State Level Teacher Award - 2020: छात्र-छात्राओं में चरित्र निर्माण करने के साथ ही नैतिकता का बीज रोपने वाले शिक्षक, केवल कई विषयों का ज्ञान ही नहीं देते बल्कि एक अच्छे नागरिक बनने के गुण भी अपने विद्यार्थियों में विकसित करते हैं। वे छात्र-छात्राओं के अन्दर छुपी प्रतिभा की पहचान कर उन्हें निखारते हैैं और जीवन जीने का सही तरीका सिखाते हैं। यह बातें प्रदेश की राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान - 2020 समारोह में संबोधित करते हुए कहीं। इस मौके पर राज्यपाल और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बेहतर कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया।

राज्यपाल ने सभी सम्मानित होने वाले शिक्षकों को शुभकामनाएं दी। साथ ही राज्यपाल ने कोरोनाकाल में दिवंगत शिक्षकों को श्रद्धा-सुमन अर्पित किया। समारोह में राज्य शिक्षक सम्मान स्मृति पुरस्कार 2020 के लिए चयनित तीन शिक्षकों और राज्य शिक्षक पुरस्कार 2019 के लिए चयनित 47 शिक्षकों को सम्मानित किया गया। राजभवन में राज्यपाल उइके ने महासमुंद की शिक्षक मधु शर्मा और महासमुंद के शिक्षक नरेश कुमार नायक के साथ ही रायपुर की शिक्षक लीना वर्मा और रायपुर के शिक्षत गोपाल वर्मा को शाल और श्रीफल के साथ 21 हजार रुपये का बैंक ड्राफ्ट देकर सम्मान से नवाजा।

इसी तरह मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने निवास कार्यालय में राज्य के प्रसिद्ध साहित्यकारों की स्मृति में तीन शिक्षकों 1. रश्मि गुप्ता ( व्याख्याता, शासकीय हाई स्कूल लिबियाडीह बिलासपुर ) को डा. मुकुटधर पांडे स्मृति पुरस्कार। 2. दिनेश कुमार पांडे ( उच्च श्रेणी शिक्षक शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला ओछीनापार कोटा बिलासपुर ) को डा. बलदेव प्रसाद मिश्र स्मृति पुरस्कार और 3. मुन्नालाल देवदास ( प्रधानपाठक शासकीय बालक पूर्व माध्यमिक शाला कौंदकेरा फिंगेश्वर गरियाबंद ) को डाा. पदुमलाल पुन्नालाल बक्शी स्मृति पुरस्कार से नवाजा। मुख्यमंत्री ने तीनों शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र के साथ शाल और श्रीफल के अलावा 50 हजार रुपये की राशि का बैंक ड्राफ्ट प्रदान कर सम्मानित किया। बघेल ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली दो शिक्षिकाओं शैलजा सुरेश ( व्याख्याता शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोहका दुर्ग ) और डा. नीलांजना जैन ( उच्च श्रेणी शिक्षक शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला नेवई दुर्ग ) को भी सम्मानित किया।

सीएम बघेल ने कहा कि शिक्षक समुदाय को हमेशा उच्च स्थान दिया गया है। हमारे 'गढ़बो नवा छत्तीसगढ़' में अपनी परंंपराओं का सम्मान और शिक्षा का प्रथम स्थान है। लोक कल्याण का सबसे बड़ा माध्यम बने शिक्षा यही हमारा प्रयास है। शिक्षा प्रदान करने का पेशा पुराने काल से मौजूद है। प्राचीन समय में गुरुकुल प्रथा थी, जहां कई वर्षाें तक छात्रों को शिक्षण और प्रशिक्षण दिया जाता रहा है। सीएम ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न स्वर्गीय डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन और डा.एपीजे अब्दुल कलाम हम सभी के लिए प्रेरणा हैं।

समारोह में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने संबोधित करते हुए कहा कि प्राथमिक शिक्षा हमें घर से मिलती है, अनुभव और गलतियां सबसे बड़े शिक्षक हैं, कैसे परिस्थितियों को संभालना है वे हमें सिखाते हैं। भारत रत्न डा. राधाकृष्णन का मानना था कि असल शिक्षक वह है जो छात्र-छात्राओं को उसे भविष्‍य की चुनौतियों के लिए तैयार करें। देश की वर्तमान शिक्षा पद्धति विविध विषयों और प्रौद्योगिकियों के बारे में ज्ञान के विस्तार को बढ़ाती हैं। साथ ही यह हमारी संस्कृति बारे में जानने में मदद करती हैं। मुख्यमंत्री ने कोरोना महामारी के दौरान शिक्षा की अलख लगातार जलाए रखने के लिए सभी शिक्षकों का आभार व्यक्त किया। सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि शिक्षकों ने फ्रंटलाइन वारियर का भी काम किया है।

Posted By: Kadir Khan

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