रायपुर । स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने सोमवार को रायपुर आयुर्वेदिक कॉलेज में रायपुर और बिलासपुर आयुर्वेदिक कॉलेज के स्वशासी कार्यकारिणी समिति की बैठक ली। इसमें छात्रों की फीस दोगुना करने का निर्णय लिया गया है। वहीं संविदा प्रोफेसरों के वेतन बढ़ाते हुए 80 हजार से अब एक लाख स्र्पये कर दिया गया है। रीडर को 52 से बढ़ाकर 80 हजार रुपए, व्याख्याता को 40 हजार की जगह अब 60 हजार रुपए दिया जाएगा। इसमें दोनों महाविद्यालय के करीब 13 शिक्षकों को लाभ मिलेगा। यह आगामी शैक्षणिक सत्र से लागू कर दिया जाएगा।

सामान्य, अनारक्षित व अन्य पिछड़ा वर्ग की फीस 15 हजार की गई है, जो अब तक छह हजार थी। एसटी-एसी वर्ग को पांच हजार फीस देना होगा। स्नातकोत्तर में फीस 10 हजार से बढ़ाकर 30 हजार स्र्पये किया गया है।

एसटी-एसी छात्रों को 15 हजार स्र्पये फीस देना होगा। इंटर्नशिप के लिए निजी कॉलेज के छात्रों से 25 हजार स्र्पये लिया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री को दोनों कॉलेजों के प्राचार्यों ने बेहतर संचालन तथा अध्यापन के लिए अपनी संस्थाओं की जरूरतों से भी अवगत कराया।

सिंहदेव ने स्वशासी कार्यकारिणी समिति की बैठक हर तीन महीने में आयोजित करने के निर्देश दिए। बैठक में दोनों आयुर्वेदिक कॉलेजों में फीस, शिष्यवृत्ति, छात्रावास व्यवस्था, इंटर्नशिप तथा प्राध्यापकों व अन्य स्टॉफ के मानदेय के युक्तिसंगत निर्धारण पर विचार-विमर्श किया गया।

प्राध्यापकों के रिक्त पदों को राज्य लोक सेवा आयोग के माध्यम से भरने पर भी चर्चा की गई। स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने रायपुर आयुर्वेदिक कॉलेज की लाइब्रेरी को आधुनिक बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने यहां ई-लाइब्रेरी विकसित करने और विभिन्न् विषयों की छात्रोपयोगी अधिक से अधिक किताबें खरीदने कहा। सिंहदेव ने आयुर्वेद के विशद अध्ययन-अध्यापन के लिए यहां के प्राध्यापकों और छात्र-छात्राओं को अन्य राज्यों का भ्रमण करने कहा।

उन्होंने आयुर्वेद के विभिन्न पहलुओं पर मंथन और विद्यार्थियों के बहुमुखी शिक्षण के लिए दूसरे राज्यों के विशेषज्ञों को यहां आमंत्रित करने के सुझाव भी दिए। बैठक में सचिव निहारिका बारिक सिंह, संचालक जीएल बदेशा, डॉ. जीएस बघेल, डॉ. संजय शुक्ला और डॉ. आरपी गुप्ता सहित अन्य मौजूद थे।

छात्रों को मंत्री ने दिया नंबर, कहा-बस नहीं मिले तो करना फोन

उन्होंने बैठक में दोनों कॉलेजों के संचालन और व्यवस्थाओं की समीक्षा की। आयुर्वेदिक कालेज के छात्रों ने मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि उनकी लाइब्रेरी में एसी नहीं है। संस्थान की बस नहीं होने से दिक्कत आती है। सिंहदेव ने अधिकारियों से कहा कि इसे तत्काल पूरा किया जाए।

छात्रों ने कहा कि अब तक आश्वासन मिलता रहा है, लेकिन पूरा नहीं किया गया। इस पर सिंहदेव ने छात्रों को अपना नंबर दिया और कहा कि बस और लाइब्रेरी में एसी नहीं लगता है, तो मुझे सीधे फोन करना।

इसके साथ ही सिंहदेव ने चार साल बाद हो रही बैठक पर भी अधिकारियों को फटकार लगाई। सिंहदेव ने कहा कि साल में चार बार बैठक होना है। ऐसे में यह तय किया जाए कि कब-कब बैठक होगी। मंत्री ने आयुर्वेद छात्रों को एमबीबीएस के समकक्ष स्टाइपेंड देने की घोषणा की है।

Posted By: Sandeep Chourey