रायपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। प्रदेश का एक हिस्सा ऐसा भी है जो लाल पानी से ग्रसित है। उस हिस्से का नाम है बैलाडीला। कारण है एनएमडीसी का प्लांट जो पानी में लैड और आयरन बढ़ा रहा है। धीमे से लाल जहर लोगों के शरीर को प्रभावित करने लगा है। इसके चलते पानी में लैड, आयरन और आर्सेनिक अम्ल का ऐसा प्रभाव है कि आसपास के 65 गांवों के लोग पलायन कर चुके हैं।

एनआइटी के पीएचडी शोधार्थी घनश्याम जरेड़ा की शोध में यह बातें सामने आई हैं। उन्होंने बैलाडीला माइनिंग एरिया में भूजल स्तर और प्रभाव (एरेसमेंट ऑफ ग्राउंड वाटर क्वालिटी फिजियो कैमिकल एनालिसिस एण्ड हैवी मेंटर एनालिसिस एण्ड रिमूवल ऑफ हैवी मैटल फार्म ग्राउंड वाटर) पर शोध किया। उन्होंने शोध में बताया है कि पानी के लाल होने और लैड, आयरन की अधिकता के कारण लोगों के शरीर पर फफोले हो रहे हैं। इस पानी को गन्ने की खोई से ही शुद्ध किया जा सकता है। गन्नों को पेरकर रस निकालने के बाद बचा ठोस पदार्थ खोई कहलाता है। इसे फेंक दिया जाता है। छात्र ने एनआइटी के प्रोफेसर डॉ. श्यामा प्रसाद महापात्र के निर्देशन में शोध किया। शोध में वहां के 60 प्रतिशत एरिया में पानी को प्रदूषित बताया गया है।

शोध के नतीजे

पानी को साफ करने पर ध्यान दिया जाए

शोध में उल्लेखित है कि एनएमडीसी के प्लांट से लैड, आयरन और आर्सेनिक अम्ल निकलता है, लेकिन लोगों के रोजगार से जुड़े होने के कारण प्लांट को बंद भी नहीं किया जा सकता। इन्हीं कारणों से पानी को साफ करने के तरीकों पर ध्यान दिया जाए।

गन्ने की खोई से कर सकते हैं पानी को शुद्ध

शोधार्थी घनश्याम ने लैड, आयरन और आर्सेनिक अम्ल को दूर करने के लिए गन्ने की खोई का इस्तेमाल किया। उन्होंने पाया कि इससे पानी का पीएच मान लगभग सात तक पहुंच रहा है, जो पीने योग्य है। घनश्याम ने बताया कि गन्ने की खोई की मोटी परत बनाकर पानी को शुद्ध किया जा सकता है। छह दिनों तक लगातार हमने लैड, आयरन, आर्सेनिक अम्ल युक्त पानी को गन्ने की खोई वाली परत में डाला। उसके बाद पानी का पीएच मान देखा गया तो वह पीने योग्य है। ऐसे में बैलाडीला और आसपास के क्षेत्रों में गन्ने की खोई को लगाकर पानी का फिल्टर का प्लांट बनाया जाए तो इस समस्या से निजात पाई जा सकती है।

इन जगहों में पाई गई लैड और आयरन की अधिक मात्रा-

श्यामागिरि, भांजी, पेंटा, झारालावा, हरामपारा, डंकिनी-शंकिनी नदी

मात्रा- 0.22 पीपीएम लैड, होना चाहिए सिर्फ 0.1 पीपीएम

आयरन-4.333 पीपीएम, होना चाहिए 0.33 पीपीएम