रायपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि। अन्य सालों की अपेक्षा इस साल मार्च से ही तेज गर्मी पड़ने लगी है। ज्योतिषियों की मानें तो वर्तमान में ब्रह्मांड में तीव्र ऊर्जा प्रधान ग्रह-नक्षत्रों के प्रभाव के चलते सूर्य का प्रचंड ताप झेलना पड़ रहा है। जब तक आकाश मंडल में तीव्र प्रधान नक्षत्र विद्यमान रहेंगे, तब तक गर्मी का प्रकोप कम नहीं होगा। इस महीने 10 और 20 अप्रैल को थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इस दिन गर्म तासीर वाले नक्षत्र के बजाय बूंदे बरसाने और मौसम को ठंडकता प्रदान करने वाला नक्षत्र पड़ रहा है। 20 अप्रैल को बदली छाएगी और बारिश की भी संभावना है।

नए हिन्दू संवत्सर के राजा मंगल और मंत्री गुरु हैं अग्नि तत्व प्रधान

ज्योतिषी डॉ.दत्तात्रेय होस्केरे के अनुसार चार दिन पहले 28 मार्च से शुरू हुआ हिन्दू नव संवत्सर 2074 का नाम साधारण संवत्सर है। इस संवत्सर का राजा मंगल है और मंत्री गुरु है। दोनों ही ग्रह अग्नि तत्व प्रधान हैं, इसलिए निश्चित रूप से पूरे साल सूर्य का असर ज्यादा रहेगा। यदि गोचर में ग्रहों की स्थिति पर विचार किया जाए तो प्रमुख ग्रह सूर्य लग्न में उच्च के शुक्र के साथ आसीन है जो अग्नि तत्व को बढ़ाने के लिए उत्तरदायी है।

अग्नि तत्व प्रधान मंगल स्वग्रही होकर द्वितीय भाव में बैठा हुआ है जो कि गर्मी बढ़ने के स्पष्ट संकेत देता है। इसके अलावा सूर्य प्रधान सिंह राशि में राहू का होना भी इस बात का परिचायक है कि इस वर्ष गर्मी तीव्रता के साथ पड़ेगी।

ग्रीष्म ऋतु के बाद भी कम नहीं होगी सूर्य की प्रचंडता

आसमान में नक्षत्रों की स्थिति भी तीव्र गर्मी का संकेत दे रही है। नक्षत्रों की स्थिति पर गौर किया जाए तो 2 अपै्रल से लेकर 15 अप्रैल तक तीव्र ऊर्जा वाले नक्षत्र पड़ रहे हैं। इस बीच केवल 10 अप्रैल को सूर्य अपनी प्रचंडता कम करेगा और बदलीयुक्त मौसम रहेगा। इसके बाद 19 अप्रैल तक ऊर्जा प्रधान नक्षत्रों का प्रभाव रहेगा और किसी भी दिन गर्मी कम होने के संकेत नहीं हैं। यहां तक कि मई-जून में भी भीषण गर्मी पड़ेगी। ग्रीष्म ऋतु खत्म होने के बाद भी बीच-बीच में सूर्य की प्रचंडता का सामना करना पड़ेगा।

10 और 20 अप्रैल को सूर्य के असर को कम करेंगे चंद्र प्रधान नक्षत्र

ज्योतिषी का यह भी कहना है कि सूर्य की तीव्र उष्मा को कम करने वाला धनु प्रधान हस्त नक्षत्र 10 अपै्रल को पड़ रहा है। इसी तरह 20 अप्रैल को चन्द्र प्रधान श्रवण नक्षत्र है, ये दोनों नक्षत्र सूर्य के असर को कम करते हैं। इस दिन बदली और हल्की बारिश की संभावना है।

तेज गर्मी के कारक नक्षत्र

3 अपै्रल को राहू प्रधान आद्रा नक्षत्र, 5 अप्रैल को शनि प्रधान पुष्य नक्षत्र और इसके पश्चात मूल प्रकृति के आश्लेषा नक्षत्र, मघा नक्षत्र, ज्येष्ठा नक्षत्र, मूल नक्षत्र, धनिष्ठा नक्षत्र, रेवती नक्षत्र आदि तेज गर्मी के कारक हैं। इनके चलते तेज गर्मी पड़ेगी और उमस भरा मौसम रहेगा।

मौसम वैज्ञानिकों का मानना - ग्लोबल वार्मिंग प्रमुख कारण

मौसम वैज्ञानिक एमएल साहू कहते हैं कि प्रकृति में बदलाव सहज प्रक्रिया है, लेकिन पिछले कुछ सालों से मौसम में आए बदलाव का प्रमुख कारण ग्लोबल वार्मिंग है। एक तरफ जंगल काटे जा रहे हैं और दूसरी ओर कांक्रीट (पत्थर, सीमेंट) के जंगल बढ़ रहे हैं। प्रकृति में असंतुलन होता जा रहा है। ग्रीष्म ऋतु में गर्मी पड़ना स्वाभाविक है। तेज गर्मी प्रकृति के असंतुलन के कारण पड़ रही है।

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