रायपुर। Make In India: साइंस कालेज मैदान में आयोजित स्वदेशी मेले का गुरुवार को समापन हो गया। समापन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राज्यपाल अनुसुईया उइके शामिल हुईं। इस मौके पर उन्होंने कहा कि स्वदेशी उत्पादकों का परिचय कराने और जागरूकता लाने के लिए स्वदेशी का प्रयास सराहनीय है। उइके ने कहा कि में हमें जॉब सीकर नहीं, जॉब प्रोवाइडर बनना चाहिए।

स्वदेशी ही हमारी शक्ति, जिससे हम आत्मनिर्भर बनते हैं। वैश्वीकरण के दौर में भारतीय उत्पादों की गुणवत्ता को बढ़ाना होगा और स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग को बढ़ाना होगा, जिससे देश में पूंजी आएगी और बेरोजगारों को रोजगार मिलेगा। हमें गर्व के साथ स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग और प्रचार-प्रसार करना चाहिए। कार्यक्रम की अध्यक्षता नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि भारत में प्राचीन काल से मेले की परंपरा रही है।

कोरोना काल में देश की अर्थव्यवस्था चरमरा गई थी। ऐसे में स्वदेशी, स्वावलंबन की भावना से ही हमारी पहचान बढ़ी है। विशिष्ट अतिथि राज्यसभा सदस्य रामविचार नेता ने कहा कि आत्मनिर्भरता के कारण भारत की पहचान बढ़ी है, जिसकी पूरी दुनिया सराहना कर रही है।

बेस्ट आउट आफ बेस्ट प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने दिखाई प्रतिभा

सांस्कृतिक कार्यक्रम के कड़ी में दोपहर को बेस्ट आउट आफ वेस्ट प्रतियोगिता हुई। इनमें प्रतिभागियों ने खराब, टूटे और अनुपयोगी सामान से, जिसे हम अक्सर रद्दी में फेंक देते हैं। ऐसे सामान से आकर्षक नए सामान का निर्माण किया। साथ ही पुराने सामान से नई वस्तुओं को बनाने में प्रतिभागियों ने अपने बुद्धि कौशल को बेहतरीन उपयोग करते हुए पेपर डाल, फ्लावर पाट, पैन स्टैंड, कछुआ, स्कूटर, कर्बड, स्मोक फाउंटेन समेत कई खूबसूरत और आकर्षक चीजें बनाईं और लोगों को वस्तुओं के अधिकतम उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।

वहीं आंध्रा समाज द्वारा कुचिपुड़ी, गणेश वंदना, राधाकृष्ण क्लासिकल डांस, तमिल लोकनृत्य व गायन की प्रस्तुति दी गई। इस मौके पर समाज द्वारा आंध्र व्यंजनों का स्टाल भी लगाया गया। समापन कार्यक्रम में पिछले दिनों में जो प्रतियोगिताएं हुईं, उनके विजेताओं और प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। बता दें कि मेला स्थल पर करीब 300 स्टाल लगाए गए थे। इनमें देश के कई राज्यों के कारीगरों ने भी हिस्सा लिया था।

तीन दिवसीय फोटो प्रदर्शनी सात से

राजधानी के घासीदास संग्रहालय में तीन दिवसीय सैय्यद हैदर रजा के चित्रों के प्रिंट्स की प्रदर्शनी और चित्रकला कार्यशाला सात से नौ मार्च तक की जा रही है। यह आयोजन रजा फाउंडेशन नई दिल्ली और दुर्ग के शासकीय डॉ. वा.वा. पाटणकर कन्या विभाग के चित्रकला विभाग के संयुक्त तत्वावधान तथा संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ शासन के सहयोग से किया जा रहा है।

डॉ. वा.वा. पाटणकर कन्या विभाग के चित्रकला विभागाध्यक्ष योगेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि घासीदास संग्रहालय की कला विथिका में प्रदर्शनी सुबह 11 से शाम छह बजे तक साहित्य व कला प्रेमियों के लिए खुली रहेगी। इस प्रदर्शनी में सैय्यद हैदर रजा द्वारा बनाए गए चित्रों के फोटो प्रिंटस देखने को मिलेंगे।

Posted By: Shashank.bajpai

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