रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

टिकरापारा, सिद्धार्थ चौक स्थित स्वीपर कॉलोनी में जान जोखिम में डालकर 240 परिवार रह रहे हैं। यह कॉलोनी नगर निगम द्वारा निर्मित है, जिसे खुद निगम ने 20 साल पहले जर्जर घोषित कर दिया था। इतना ही नहीं निगम हर साल इन परिवारों को नोटिस जारी करता है। नोटिस चस्पा करता है कि मकान खाली करो। मगर, लोग हैं कि हटने को तैयार नहीं। यहां मकान का छज्जा गिरने से दो लोगों को गंभीर चोट आ चुकी है। इस कॉलोनी के पांचों ब्लॉक कभी भी गिर सकते हैं, यह खुद निगम के अफसर कर रहे हैं।

बीते दिनों अपर आयुक्त पुलक भट्टाचार्य, योजना विभाग के प्रभारी राजेश शर्मा ने दौरा किया था। जोन छह के अधिकारी भी साथ थे। सभी ने मिलकर लोगों को समझाया। मठपुरैना में शिफ्टिंग की बात कही। सभी राजी हो गए हैं। सोचिए, इसमें 20 साल गुजर गए, अब जाकर लोग खाली करने तैयार हुए लेकिन अभी भी रहे हैं। 'नईदुनिया' से चर्चा में अपर आयुक्त ने कहा कि बातचीत से ही रास्ता निकला है। इस कॉलोनी को गिराकर इसकी जगह पर निगम क्वार्टर्स बनाने की योजना है। जानकारी के मुताबिक कॉलोनी आजादी के आसपास ही नहीं थी, जहां पर जिसे निगम ने अपने सफाई कर्मचारियों को बसाया था, जिसके बाद से कोई यहां से गया ही नहीं।