रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

राजधानी में दूसरे राज्यों की कार, मोटर साइकिल समेत अन्य वाहन बिना रोड टैक्स पटाए धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं। इससे परिवहन विभाग को करोड़ों रुपयों के राजस्व का नुकसान हो रहा है। वहीं दूसरी तरफ राजधानी की सड़कें भी खराब हो रही हैं। इसके साथ ही दूसरे प्रदेश से आने वाली गाड़ियां चोरी की हैं, या फिर किसी वारदात में शामिल तो नहीं थीं, इसका भी कोई रिकार्ड नहीं है। इसके साथ ही राजधानी में संचालित कंपनियों में बहुत से जेसीबी और हाइड्रा भी बिना टैक्स पटाए संचालित हो रहे हैं। परिवहन और पुलिस विभाग ऐसी गाड़ियों को चिंन्हित कर इन पर कार्रवाई नहीं कर पा रहा है। इन गाड़ियों पर कार्रवाई करने के बजाय परिवहन विभाग कर्मचारियों की कमी का रोना रो रहा है।

राजधानी में दूसरे प्रदेशों से तकरीबन दस हजार गाड़ियां राजधानी की सड़कों पर दौड़ रही हैं। राजधानी में दूसरे प्रदेशों से लोग आकर व्यवसाय कर रहे हैं। कई लोग शासकीय या निजी संस्थानों में नौकरी कर रहे हैं। वे अपने साथ कार, बाइक सहित अन्य वाहन लेकर आए हैं। ये वाहन शहर में धड़ल्ले से सालों से चल रहे हैं। ऐसा करने वाले ज्यादातर लोग या तो पेशेवर हैं या फिर व्यावसायी। इसके बावजूद वे बेपरवाह बने हुए हैं। परिवहन विभाग अब ऐसी गाड़ियों पर सख्ती करने का मन बना रहा है। अब राजधानी में चलने वाली ऐसी गाड़ियों पर परिवहन और पुलिस विभाग संयुक्त रुप से कार्रवाई करेगा।

पब्लिक में नियम की जानकारी का अभाव

ज्यादा लोगों को नियमों की जानकारी नहीं है। वे ये समझते हैं कि वे संबंधित राज्य में पहले से लाइफ टाइम टैक्स जमा कर चुके हैं, इसलिए उन्हें दोबारा यह टैक्स जमा करने की जरूरत नहीं है। जबकि नियम के अनुसार उन्हें यहां भी लाइफ टाइम टैक्स जमा करना जरूरी है।

टैक्स स्लैब के नियमों को ऐसे समझें

परिवहन विभाग के अधिकारी ने बताया कि नियमानुसार चार पहिया वाहन की कीमत अगर पांच लाख रुपये है तो उसका आठ प्रतिशत लाइफ टाइम टैक्स लिया जाता है। मोटर कार अगर पांच लाख रुपए से अधिक कीमत की है तो परिवहन विभाग गाड़ी की कीमत का नौ प्रतिशत टैक्स वसूल करता है। इसके साथ ही मोटर साइकिल के शो रूम की कीमत का सात प्रतिशत लाइफ टाइम टैक्स जमा करना पड़ता है।

नियम विरूद्ध चला रहे गाड़ी

वाहन दूसरे राज्य से लाकर छह माह से चला रहे हैं तो उसका लाइफ टाइम टैक्स जिस राज्य में चला रहा है वहां जमा करना जरूरी है। चाहे संबंधित राज्य में टैक्स पहले जमा किया गया हो। इसके साथ ही दूसरे प्रदेश का वाहन छत्तीसगढ़ मे छह माह से चला रहे हैं और यदि उसका लाइफ टाइम टैक्स नहीं पटाया तो चालक के खिलाफ मोटर ह्वीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

वगैर रजिस्ट्रेशन कराए राजधानी में दूसरे प्रदेशों की गाड़ियां चल रही हैं। इन गाड़ियों को चिंहिंत कर जल्द कार्रवाई किया जाएगा।

- पुलक भट्टाचार्य आरटीओ रायपुर

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