पराग मिश्रा। रायपुर। नईदुनिया। छत्तीसगढ़ में बीते चार सालों में आयकर रिटर्न दाखिल करने के प्रति लोगों में जागरुकता काफी बढ़ती जा रही है। इस बात का अंदाजा भी इससे लगाया जा सकता है कि वित्तीय वर्ष 2016-17 की तुलना में 2019-20 में अभी तक आयकर रिटर्न दाखिल करने वालों की संख्या चार लाख आठ हजार से ज्यादा हो गई है। जबकि कोरोना संक्रमण को देखते हुए वित्तीय वर्ष 2019-20 में रिटर्न दाखिल करने की तारीख दो माह बढ़ाकर 30 सितंबर कर दी गई है। हालांकि बताया जा रहा है कि आयकर विभाग ने टैक्स कलेक्शन का टारगेट थोड़ा कम कर दिया है।

आयकर विभाग द्वारा बीते कुछ सालों से कर चोरों पर कार्रवाई करने के साथ ही आयकर रिटर्न भरने और ईमानदारी से टैक्स जमा करने के लिए जागरूकता अभियान भी चला रहा है। पिछले साल तो विभागीय अधिकारियों ने करदाताओं से व्यक्तिगत संपर्क करने के साथ नुक्कड़ नाटकों का भी आयोजन किया था ताकि करदाता टैक्स जमा करने के लिए प्रेरित हों। इसके साथ ही करदाताओं की संख्या बढ़ने का एक बड़ा कारण टैक्स नियमों में बदलाव व सख्ती को भी माना जा रहा है। आइटी बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष चेतन तारवानी ने बताया कि टैक्स रिटर्न भरने वालों की संख्या साल दर साल बढ़ रही है। यह अच्छी बात है। करदाताओं को ईमानदारी से टैक्स भरना चाहिए।

करदाता बढ़े, लेकिन टैक्स कलेक्शन हुआ कम

कर विशेषज्ञों से मिली जानकारी के अनुसार भले ही प्रदेश में करदाताओं की संख्या बढ़ी है, लेकिन टैक्स कलेक्शन कम कर दिया गया है। सूत्रों के अनुसार 2019-20 का टैक्स कलेक्शन अनुमानित 5300 करोड़ है और 2020-21 के लिए यह कलेक्सन घटाकर 4500 करोड़ के आसपास कर दिया गया है। वित्तीय वर्ष 2018-19 में विभाग का टारगेट 6400 करोड़ से अधिक था, लेकिन कलेक्शन लगभग 5800 करोड़ के आसपास रहा।

फैक्ट फाइल

वित्तीय वर्ष रिटर्न दाखिल

2016-17 6,50,050

2017-18 7,75,608

2018-19 10,65,714

2019-20(31 मार्च तक) 10,58,000

30 सितंबर तक भर सकते है रिटर्न

ऐसे करदाता जिन्होंने अभी तक अपना रिटर्न दाखिल नहीं किया है। वे 30 सितंबर तक अपना रिटर्न जमा कर सकते है। मालूम हो कि पहले यह तारीख 31 मार्च थी,जिसे कोरोना संक्रमण को देखते हुए 30 जून किया गया और उसके बाद 31 जुलाई,लेकिन अब इसे बढ़ाकर 30 सितंबर कर दिया गया।

रिटर्न भरने के ये हैं फायदे

आयकर अधिकारियों और कर विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी तरह से टैक्स चोरी पकड़ी जाने पर करदाता को परेशानी होती है। आयकर रिटर्न ईमानदारी से दाखिल करने पर आप सरकार की नजर में चढ़ते हैं। बैंकिंग लोन के दौरान आयकर स्टेटस देखा जाता है, जिसमें फायदा होता है। बीमा पॉलिसी ली है, किसी दुर्घटना में मौत हो जाती है तो करदाताओं को पॉलिसी का पूरा-पूरा लाभ मिलता है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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Ram Mandir Bhumi Pujan
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