रायपुर। पिछले सालों में किताबों की छपाई विवाद में रहने के बाद अब पाठ्यपुस्तक निगम की कार्यकारिणी ने अपना नया फार्मूला चलाया है। अगले साल 2020-21 की पहली से 10वीं तक के बच्चों की पढ़ाई के लिए किताबों के प्रकाशन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके लिए इस बार स्थानीय स्तर पर नहीं, बल्कि ग्लोबल स्तर पर किताब छापने का टेंडर किया जा रहा है। इसके पहले स्थानीय स्तर पर मंगाई गई निविदा की प्रक्रिया को निगम ने रोक दिया है।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम के कार्यकारिणी की पुनः बैठक में अध्यक्षता कर रहे स्कूल शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम, सदस्य स्कूली शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव गौरव द्विवेदी समेत वित्त विभाग के सचिव ,एससीईआरटी के संचालक, माध्यमिक शिक्षा मंडल संचालक, लोक शिक्षण विभाग छत्तीसगढ़ और प्रबंध संचालक पाठ्यपुस्तक निगम ने सहमति देकर निर्णय लिया है कि किताबों की छपाई की निविदा राष्ट्रीय स्तर पर आमंत्रित की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रीय स्तर पर निविदा आमंत्रित करने से छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम को चार से पांच करोड़ रुपये की बचत होगी।

पहले 44 निविदा में 26 हो गए थे अपात्र

बता दें कि अगले साल की किताबों के लिए निगम ने 13 जून, 2019 को निविदा बुलाई थी। इसमें कुल 44 निविदा आई थी, उसकी स्क्रूटनी करने और सूक्ष्म जांच करने के बाद 26 निविदा को पात्र पाया गया, जिसमें 22 निविदा छत्तीसगढ़ की थी और चार निविदा दूसरे राज्यों से थी और 18 में निविदा त्रुटियां थीं। उसे अपात्र घोषित कर दिया गया था। बताया जाता है कि यहीं से विवाद शुरू हो गया था, जिन्हें अपात्र घोषित किया गया था, उनमें कइयों ने शासन स्तर पर एप्रोच लगानी शुरू कर दी थी।

आरोप भी लगाए जा रहे थे कि निगम के अधिकारी पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर दूसरे प्रिंटर्स को अपात्र कर रहे हैं। बाद में पूरी तहकीकात पर सत्यता सामने आई तो पता चला कि कुछ लोग शासन को गुमराह कर रहे हैं। लिहाजा निष्पक्ष कार्यप्रणाली के लिए मुख्यमंत्री के दिशा निर्देश पर स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने राष्ट्रीय स्तर पर निविदा बुलाने की पहल की है। दावा है कि इस निविदा से पारदर्शिता बढ़ेगी और न्यूनतम दर प्राप्त करने वाले को ही काम मिल पाएगा।

Posted By: Nai Dunia News Network