रायपुर। नईदुनिया प्रतिनिधि

राजकीय विश्वविद्यालयों में प्रथम और द्वितीय वर्ष के छात्रों की परीक्षा रद करने के सरकार के निर्णय को धरातल पर उतारना आसान नहीं है। क्योंकि एलएलबी, बीएड, फार्मेसी सहित कई प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों में बार काउंसिल ऑफ इंडिया, राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद, फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया से अनुमति लिए बगैर छात्रों को पास नहीं किया जा सकता। यानी सरकार के परीक्षा रद करने के फैसले पर प्रोफेशनल पाठ्यक्रम पानी फेर सकता है।

ज्ञात हो कि प्रदेश में प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों से पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या लगभग 50 हजार है। शिक्षाविदों के अनुसार सिर्फ एक राज्य में प्रोफेशनल कोर्स की परीक्षा नहीं कराने की छूट मिल जाएगी यह संभव नहीं है। वहीं विश्वविद्यालय के सूत्रों के अनुसार परीक्षा को लेकर सारी तैयारी कर ली गई है। 35 दिन के अंदर सभी परीक्षाएं पूरी हो जाएंगी। बस 15 अगस्त तक का समय मिल जाए।

छात्र कर रहे विरोध

नियमित पढ़ाई कर रहे छात्र सरकार के फैसले का विरोध कर रहे हैं। विवि में एलएलबी द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रहे निरंजन शुक्ला का कहना है कि सरकार का निर्णय छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने जैसा है। क्या सिर्फ छत्तीसगढ़ में कोविड-19 का प्रभाव पड़ा है। जब डिग्री लेकर छात्र कहीं जाएंगे तो उन्हें कोरोना वायरस से जोड़कर देखेंगे। छात्र संगठनों के माध्यम से भी लगातार विरोध किया जा रहा है।

बन सकता है विकल्प

सरकार के फैसले से सिर्फ 38 हजार छात्रों को छूट मिलेगी। यदि परीक्षा 15 जुलाई के बाद शुरू की जाए तो प्रोफेशनल से लेकर बीए, बीएएससी, बी कॉम के प्रथम और द्वितीय वर्ष के कुल लगभग दो लाख छात्रों का भविष्य खतरे में नहीं होगा। सेवानिवृत्त कॉलेज प्राचार्य अशोक कुमार का कहना है कि परीक्षा दिए बगैर छात्रों को पास करना सही नहीं है। आंतरिक मूल्यांकन किस आधार पर करेंगे, क्योंकि लगभग 60 फीसद छात्र तो सिर्फ परीक्षा के समय ही कॉलेज आते हैं। ऐसे में प्राइवेट कॉलेजों को इसका फायदा मिलेगा। इसके बदले सरकार जुलाई में परीक्षा आयोजित करे। जो छात्र अन्य राज्यों में हैं उन्हें अगली क्लास में स्वीकृति दें, बशर्ते फाइनल वर्ष में जाने से पहले परीक्षा देनी होगी।

विवि के लिए आसान नहीं फैसले का पालन

बीएड की परीक्षा एनसीटीई की स्वीकृति बगैर संभव नहीं

एलएलबी की परीक्षा के लिए बार काउंसिल ऑफ इंडिया से स्वीकृति जरूरी

डिप्लोमा, सर्टीफिकेट कोर्स में कैसे होगा मूल्यांकन

सरकार के फैसले से प्राइवेट कॉलेजों में पढ़ रहे छात्रों का प्रदर्सन बेहतर रहेगा

5. सरकार के फैसले के खिलाफ प्राइवेट छात्र न्यायालय का दरवाजा खटखटा सकते हैं।

वर्सन

यूजीसी से मान्यता प्राप्त विषय ही एक मात्र मुद्दा नहीं है, प्रोफेशनल पाठ्यकम की परीक्षा को लेकर विचार किया जा रहा है। छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए प्लानिंग बन रही है, जिसे सरकार को भेजा जाएगा। -केएल वर्मा, कुलपति, पं रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय

Posted By: Nai Dunia News Network

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