रायपुर। Raipur Local Edit: विकास के लिए बुनियादी ढांचे का मजबूत होना बहुत जरूरी है। इसके बिना न तो उद्योेग पनप सकता है और न ही व्यापार। जब उद्योेग और व्यापार का विस्तार नहीं होगा तो बेरोजगारी बढ़ेगी। ऐसी स्थिति में किसी राज्य के विकास की तो कल्पना भी नहीं की जा सकती। छत्तीसगढ़ को संभावनाओं का राज्य कहा जाता है। राज्य में संभावनाएं बनीं रहें, इसके लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की प्रक्रिया सतत जारी रहनी चाहिए। पिछले कुछ सालों से इस पर विराम-सा लग गया है।

अर्थशास्त्र का नियम है कि जब राज्य में आर्थिक संकट की स्थिति हो तो सबसे पहले बुनियादी ढांचे कोे मजबूत करने का काम शुरू करना चाहिए। इससे जहां रोजगार मिलेंगे, वहीं बाजार में पूंजी और धन का प्रसार बढ़ेगा। राज्य सरकार को जिस तरह लगातार कर्ज लेकर व्यवस्था चलानी पड़ रही है, उसे देखते हुए जरूरी है कि बुनियादी ढांचेे के विकास केलिए तेजी से काम करना चाहिए। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रविवार को राज्य के सभी जिलों में 28 सौ करोड़ के विकास कार्यों का शिलान्यास किया है।

सरकार की यह पहल निश्चित रूप से सराहनीय है। राज्य में सड़क और पुल जैसे बुनियादी ढांचे की कमी काफी दिनों से महसूस की जा रही थी। राज्य में चल रहे विकास कार्यों की गति काफी धीमी रही। इसका प्रतिकूल असर यहां केउद्योेग-व्यापार और रोजगार पर भी पड़ा। राज्य में लोगों के पास रोजगार संकट खड़ा हो गया। रही-सही कसर कोरोना महामारी और लाकडाउन ने पूरी कर दी। बुनियादी ढांचे में तेज विकास नहीं होने से सरकार के निवेश के प्रयास को भी अपेक्षाकृत सफलता नहीं मिल पा रही है।

सरकार को व्यवस्था चलाने के लिए कर्ज पर कर्ज लेना पड़ा, मगर समस्याएं बनी रहीं। अच्छी बात यह है कि सरकार नेे इस कमी को समझा है और बुनियादी ढांचे के विकास की ओर कदम बढ़ाया है। बस्तर संभाग के सभी जिले नक्सल प्रभावित हैं, मगर यही रास्ता दक्षिण के राज्य तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र को जोड़ता है। जगदलपुर के लोगों की लंबेे समय से मांग थी कि ब्रिटिश में बने पुल के समानांतर पुल का निर्माण करवाया जाए, क्योंकि यही पुल यहां की जीवन रेखा है।

यहां नए पुल का लोकार्पण 1992 में किया गया था। इससे 10 किलोमीटर घूमकर जाना पड़ता था। यह पुल अब जर्जर हो चुका है। सरकार ने पुराने पुल के बगल में ही नया पुल बनाने का शिलान्यास कर जनभावना के साथ विकास की ओर भी कदम बढ़ाया है। वहीं राजनांदगांव में 144 करोड़ 95 लाख 45 हजार रुपये के31 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। इसके तहत अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाओं के लिए फायर स्टेशन व गैरेज का निर्माण, पोस्ट मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास भवन का निर्माण, विश्राम गृह, पुल के निर्माण का काम शामिल है।

सरकार की यह विकासोन्मुखी पहल निश्चित रूप से राज्य की अर्थव्यवस्था, उद्योेग, व्यापार, रोजगार और नौकरी केनए द्वार खोलेगी। इन विकास कार्योंं के शुरू होने से इसमें व्यय होने वाली राशि बाजार में आएगी तो ठप पड़े काम-धंधे चल पड़ेंगे। लाकडाउन के कारण थम गई विकास की रफ्तार को गति मिलेगी। इससे जहां उद्योेग-व्यापार को बढने का मौका मिलेगा, वहीं मजदूरों और युवाओं को भी रोजगार मिलेंगे। आशा की जानी चाहिए कि सरकार की यह पहल राज्य के भविष्य को उज्ज्वल बनाएगी और यह फिर संभावनाओं का प्रदेश बन जाएगा।

Posted By: Shashank.bajpai

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