रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में नई सरकार ने सोमवार को विधानसभा में 10 हजार 395 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश किया। 14 वर्ष पहले राज्य का मुख्य बजट लगभग इतने का ही था।

18 वर्ष पहले वर्ष 2000 में बने छत्तीसगढ़ के चौथे बजट (वित्तीय वर्ष) ने पहली बार 10 हजार करोड़ की सीमा को लांघा था। तत्कालीन सरकार ने उस वर्ष 10 हजार 555 करोड़ का मुख्य बजट पेश किया था। चालू वित्तीय वर्ष के इस जम्बो अनुपूरक बजट के बाद बजट का आकार बढ़कर एक लाख करोड़ तक पहुंच गया है।


दो बार में सात हजार करोड़ का बजट

चालू वित्तीय वर्ष के लिए फरवरी में सरकार ने 83 हजार करोड़ का बजट पेश किया था। पूर्ववर्ती भाजपा सरकार ने इसके बाद दो अनुपूरक बजट पेश किए। इनमें पहला चार हजार और दूसरा दो हजार करोड़ का था।


शिक्षक और किसान पर फोकस

कांग्रेस सरकार ने अपने पहले अनुपूरक में बजट का बड़ा हिस्सा किसानों और शिक्षकों के वेतन के लिए रखा है। उल्लेखनीय है कि पिछली सरकार ने करीब सवा लाख से अधिक शिक्षाकर्मियों का संविलियन कर दिया था। इसकी वजह से शिक्षकों के वेतन- भत्ते आदि का बजट बड़ गया है।

तीसरे अनुपूरक की मुख्य बातें

  • जंगल सफारी में अधोसंरचना निर्माण के लिए 12 करोड़
  • केंद्रीय योजना उदय के लिए बिजली कंपनी को 32 करोड़ 80 लाख।
  • मत्स्य पालन क्षेत्र के लिए डाटाबेस व इनफामेशन नेटवर्क के सुदृढ़ीकरण के लिए 24 लाख 27 हजार
  • अंबिकापुर शक्कर कारखाना में जनरेशन पावर प्लांट की होगी स्थापना।
  • 27 अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय छह व्यवहार न्यायालय 238 पद स्वीकृत।
  • परिवार न्यायालय के लिए 190 पदों की मंजूरी।


शिक्षकों का वेतन

  • प्राथमिक शालाओं के शिक्षकों के वेतन भत्ते के लिए तीन अरब 95 करोड़ 56 लाख
  • माध्यमिक शालाओं के वेतन भत्ते के लिए एक अरब।
  • उच्चतर माध्यमिक शालाओं के शिक्षक के वेतन भत्ते के लिए एक अरब 80 लाख 65 लाख।

चालू वित्तीय वर्ष का बजट

मुख्य बजट- 83 हजार 179 करोड़

पहला अनुपूरक- 04 हजार 877 करोड़

दूसरा अनुपूरक- 02 हजार 433 करोड़

तीसरा अनुपूरक- 10 हजार 395 करोड़


राज्य के शुरुआती पांच बजट

वित्तीय वर्ष बजट

2001-02 7294

2002-03 8471

2003-04 9978

2004-05 10555

2005-06 11242