रायपुर (राज्य ब्यूरो)। प्रदेश से सबसे अधिक निर्यात हो रहे चावल और स्टील पर सरकार ने जोर दिया है। निर्यात में किसी भी तरह की समस्या न हो इसके लिए रण्ानीति बनाई जा रही है। इसके लिए गुरुवार को मुख्य सचिव अमिताभ जैन की अध्यक्षता में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की राज्य स्तरीय निर्यात और संवर्धन समिति की बैठक हुई।

इसमें छत्तीसगढ़ में निर्यात किये जाने वाले उत्पाद एवं सेवाएं, निर्यात संभावित क्षेत्र, एक जिला एक उत्पाद योजना, छत्तीसगढ़ राज्य से संबंधित निर्यात संबंधी समस्याओं सहित राज्य में विभिन्न् उद्योग और वाणिज्य के क्षेत्र में कार्यरत केंद्रीय संस्थानों के स्थापना संबंध में विस्तार से चर्चा की। मुख्य सचिव ने उद्योग और वाणिज्य विभाग के अधिकारियों से पिछले वर्षों में राज्य से निर्यात व प्रमुख निर्यात उत्पादों एवं सेवाएं की जानकारी ली।

राज्य में माइनर फारेस्ट प्रोडयूज के निर्यात के संबंध में विभिन्न् देशों में की जा रही मांग के अनुसार उत्पादों का उत्पादन करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। बैठक में चावल, आयरन और स्टील के उत्पाद, एल्यूमीनियम सहित मसाले, हर्बल उत्पाद, फल सब्जियों के बीज, रेशम यार्न, हैंडलूम उत्पाद एवं हैंडीक्राप्ट जैसे राज्य से निर्यात किये जाने योग्य उत्पादों के संबंध में व्यापक चर्चा की गई।

इसी तरह से निर्यात के संभावित क्षेत्र लघु वनोपज, उद्यानिकी, मत्योत्पादन के क्षेत्र में गुणवत्ता, संवर्धन, पैकेजिंग और प्रमाणीकरण पर कार्ययोजना तैयार कर निर्यात की वृद्धि के लिए आवश्यक प्रयास करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

52 प्रकार के मसाले और वनोपज को खरीद रही सरकार

बैठक में छत्तीसगढ़ लघु वनोपज फेडरेशन लिमिटेड के अधिकारियों ने बताया कि राज्य में 52 प्रकार के मसाले एवं वनोपज की समर्थन मूल्य पर खरीदी की जा रही है। इसमें महुआ, काजू, आंवला, इमली, चिरौंजी, शहद सहित अन्य वनोपज के उत्पाद तैयार किये जाते है। इनकी विभिन्न् देशों में मांग है। इन वनोपज उत्पादों के निर्यात की काफी संभावनाये है।

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि राज्य के ब्रोकन राईस को निर्यात पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। चूंकि छत्तीसगढ़ एक कृषि प्रधान राज्य है। अत: ब्रोकन राईस पर पूर्ण प्रतिबंध किया जाना असंगत है। इसके लिए आवश्यक कदम उठाने की आवश्यकता है। बैठक में राज्य के निर्यात, क्षमता, निवेश की आवश्यकता अन्य आर्थिक और विकासात्मक पहलुओं के संबंध में विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार आलोक शुक्ला, कृषि सचिव डा. कमलप्रीत सिंह, लोक निर्माण विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, विशेष सचिव उद्योग एवं वाणिज्य हिमशिखर गुप्ता मौजूद रहे।

Posted By: Pramod Sahu

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