रायपुर। छत्तीसगढ़ और ओडिशा की सीमा के बीच सुनाबेड़ा के जंगलों में जल्द ही बाघों की दहाड़ सुनाई देगी। क्योंकि सूनाबेड़ा सेंचुरी को टाइगर रिजर्व क्षेत्र बनाया जाएगा। इसे लेकर छत्तीसगढ़ और ओडिशा के वन अधिकारियों की गुरुवार को इंटर स्टेट लैंड स्कैप लेबल मीटिंग एवं वर्कशॉप का आयोजन किया गया।

इसमें दोनों प्रदेश के अधिकारी और कर्मचारी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में किस तरह काम करेंगे इसकी कार्ययोजना बनाई है। इसके बाद यह वन क्षेत्र बाघों के लिए सुरक्षित रहवास क्षेत्र हो जाएगा। बाघों की सुरक्षा के लिए अब दोनों प्रदेश एक साथ मिलकर काम करेंगे।

ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र ओडिशा की सूनाबेड़ा सेंचुरी से लगा हुआ है। एनटीसीए द्वारा सूनाबेड़ा को टाइगर रिजर्व बनाया जाएगा। इसको लेकर गुरुवार को एनटीसीए के एडीजी अनूप कुमार नायक, एनटीसीए के डीआइजी सुरेंद्र मेहरा और नागपुर क्षेत्रीय कार्यालय के एआइजी हेमंत कामड़ी द्वारा छत्तीसगढ़ और ओडिशा के वन विभाग के अधिकारियों की बैठक ली।

बैठक में छत्तीसगढ़ के वाइल्ड लाइफ पीसीसीएफ अतुल शुक्ला, एपीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ जेएसीएस राव, उदंती सीतानदी के डायरेक्टर, सीसीएफ रायपुर, डीएफओ महासमुंद, गरियाबंद और दोनों डिवीजन के रेंज अफसर समेत वन विभाग के कर्मचारी शामिल थे।

दोनों प्रदेश के कर्मचारियों के बीच बेहतर तालमेल

वन विभाग के अधिकारी ने बताया कि दोनों प्रदेश के कर्मचारियों के बीच बेहतर सामंजस्य बैठाना तथा एक साथ मिलकर पेट्रोलिंग करना, किसी प्रकार की घटना घटित होने पर अपराध की जांच मिलकर करना है। इसके साथ ही और बेहतर क्या किया जा सकता है, इस पर चर्चा की गई। इसके बाद अब एनटीसीए द्वारा दोनों राज्य के चीफ सिक्रेटरी और पीसीसीएफ को आवश्यक निर्देश जारी किए जाएंगे। प्रदेश में यह पहली बार हुआ है जब दो प्रदेश के कर्मचारी बाघों की सुरक्षा के लिए मिलकर काम करेंगे।

अधिकारियों ने मोबाइल नंबर का किया आदान-प्रदान

इंटर स्टेट की बैठक ओड़िसा के नुवापाड़ा में आयोजित की गई थी। बैठक में कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच ग्रुप डिस्कशन कराया गया। ग्रुप डिस्कशन में एक-दूसरे के सीमा क्षेत्र में वन्यजीवों की आवाजाही के बारे में जानकारी देने के अलावा वन अपराध पर अंकुश लगाने एक-दूसरे के साथ चर्चा की गई। उसके बाद दोनों राज्य के फील्ड अधिकारियों ने आपस में एक-दूसरे के नंबर का आदान-प्रदान किया है।

- ओडिशा के नुवापाड़ा में इंटर स्टेट की बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में निर्णय लिया गया है कि बाघों की सुरक्षा के लिए दोनों स्टेट मिलकर काम करेंगे। इससे सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी।

- अतुल शुक्ला, पीसीसीएफ, वाइल्ड लाइफ