रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। मानसून के पहले शहर के कई बड़े नाले-नालियों की सफाई नहीं हो पाई है। ऐसे में एक बार फिर से 18 बस्तियों में जलभराव का खतरा मंडराने लगा है। दरअसल, पिछले साल सितंबर में लगातार वर्षा होने के कारण ये 18 बस्तियां जलमग्न हो गई थीं। यहां पर सिवरेज सिस्टम ठीक नहीं है। नाले-नालियों में प्लास्टिक के कचरे फंसे हुए हैं। सबसे अधिक परेशानी डीओरएम आफिस से लगे नाले के कारण होती है। यहां से 150 डंपर से अधिक प्लास्टिक कचरा पिछले साल निकाला गया था। इस बार भी कई टन कचरा निकला, लेकिन फिर भी नाला पूरी तरह से साफ नहीं हो पाया है।

राजधानी में कुल 212 छोटे-बड़े नाले हैं। बारिश से पहले इनकी साफ-सफाई शत-प्रतिशत हो जाना था, लेकिन योजना बनाते-बनाते वर्षा आ गई। जलभराव को रोकने पुख्ता इंतजाम नहीं होने के कारण जून की पहली हल्की वर्षा में ही कई कालोनी, बस्तियों में जलभराव होने से निगम प्रशासन की पोल खुल गई। हालांकि, निगम के अधिकारी दावा कर रहे हैं कि अब तक 190 नालों की सफाई की जा चुकी है, शेष बचे नालों की सफाई भी चल रही है। जल्द से जल्द सभी की सफाई का काम पूरा कर लिया जाएगा। पिछले साल सितंबर में लगातार वर्षा होने के कारण शहर के डेढ़ दर्जन बस्तियां जलमग्न हो गई थीं। अब फिर से वर्षा तेज हुई तो यही हालात निर्मित होंगे।

रायपुर नगर निगम के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी विजय पांडेय ने कहा, शहर के अधिकतर नालों की साफ-सफाई की जा चुकी है। कुछ बचे हुए नालों की सफाई का काम लगातार किया जा रहा है। इस बार वर्षा में जलभराव से निपटने की पूरी तैयारी है। कुछ जगहों में जरूर दिक्कत होगी।

जोनों के इन वार्डों में जलभराव का खतरा

जोन एक : वीर शिवाजी वार्ड, बाल गंगाधर तिलक वार्ड का क्षेत्र, आदर्शनगर, ब्रह्मदेवी पारा।

जोन दो : गुरु गोविंद सिंह वार्ड, शंकरनगर, लाल बहादुर शास्त्री वार्ड, मदर टेरेसा वार्ड की बस्तियां, इन जगहों में नाला निर्माण की स्वीकृति शासन से मिली, लेकिन काम पूरा नहीं हो पाया।

जोन चार : अब्दुल रउफ वार्ड, सिविल लाइन, डा.विपिन बिहारी सूर वार्ड को संवेदनशील माना गया। यहां वीरभद्रनगर, नेहरूनगर, विद्यानगर, उत्कलनगर बस्ती में पानी भरने का खतरा।

जोन पांच : वामनराव लाखे वार्ड की प्रोफेसर कालोनी में गली नंबर तीन, बंजारीनगर, तुलसीनगर, चंगोराभाठा में शीतला चौक भाठागांव।

जोन छह : लेफ्टिनेट अरविंद दीक्षित वार्ड का धरमनगर, पचपेढ़ी नाका, लक्ष्मीनगर क्षेत्र।

जोन सात : तात्यापारा वार्ड का हांडीपारा, शहीद चूड़ामणि वार्ड में पोद्दार तालाब क्षेत्र, समता कालोनी में अर्जुनगर, राखीनगर।

जोन नौ : मोतीलाल नेहरूनगर वार्ड, महर्षि वाल्मीकि और पं. विद्याचरण शुक्ल वार्ड में चंडीनगर, ब्रह्मदेवनगर,पार्वतीनगर और आसपास का इलाका। इसके अलावा जय स्तंभ चौक के आसपास, पुराना बस स्टैंड, बांसटाल, कवितानगर, हाउसिंग बोर्ड कालोनी कबीरनगर, जल विहार कालोनी समेत अन्य जगहों में इस बार भी जलभराव होना तय है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि वर्षा बंद होने के बाद पानी निकल जाता है।

महापौर का जलभराव रोकरने पुख्ता तैयारी के आदेश

महापौर एजाज ढेबर ने सभी जोन कमिश्नरों से जल भराव, बाढ़ के लिए संवेदनशील मुहल्ले, बस्तियों, कालोनियों की सूची मंगवाकर जलभराव को रोकने पुख्ता तैयारी करने के आदेश दिए हैं। पिछले साल जोन दो का क्षेत्र प्रभावित नहीं हुआ था, लेकिन इस बार रेलवे क्षेत्र के नाले के कारण स्थिति खराब होने की पूरी संभावना है। इसी तरह देवेंद्रनगर इलाके में संकरे नाले की वजह से हालात बिगड़ने के संकेत जोन अध्यक्ष हरदीप सिंह होरा(बंटी) ने दिए है।

ये हैं बड़े नाले

अरमान, जब्बार, चिंगरी, छोकरा, वीरभ्रदनगर,बांसटाल,डीआरएम आफिस के पास, पंचमुखी नाला, कबीरनगर चौक नाला, गोकुलनगर, त्रिमूतिनगर, रमण मंदिर वार्ड नाला, सत्कार होटल के पास नाला, शंकरनगर, गोरखा नाला, वीवी विहार, बंजारी नगर, परशुरामनगर, राखीनगर, विप्र कालेज नाला, विशालनगर आदि।

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