रायपुर। ये हैं ट्रैफिक के जवान मोहम्मद मोहसिन शेख। डांसिंग स्टेप से लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने का इनका निराला अंदाजा खूब पसंद किया जा रहा है। बेहद रोचक अंदाज में ट्रैफिक नियमों का पालन करवाकर ये खुद भी उत्साहित हैं। घंटों डांसिंग स्टेप से ट्रैफिक कंट्रोल करने के बावजूद मोहसिन थकान महसूस नहीं करते। शहर के लोगों के लिए चौराहे पर नाच-नाचकर ट्रैफिक कंट्रोल करते जवान को देखना एक नया अनुभव है। सिग्नल पर रुकने वाले हर व्यक्ति के चेहरे पर इस जवान को देखकर जहां मुस्कान बिखर जाती है। वहीं इस जवान को इस नवाचार से प्रोत्साहन भी मिल रहा है। सोशल मीडिया पर खूब वाहवाही मिल रही है।

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में यातायात व्यवस्था का बुरा हाल है। इस पर पुलिस महानिदेशक भी चिंता जाहिर कर चुके हैं। ऐसे में अपने अलग अंदाज से यातायात व्यवस्था सुधारने का बीड़ा उठाया है ट्रैफिक के जवान मोहिसन शेख ने। मोहसिन को जब ट्रैफिक कंट्रोल के क्षेत्र में कुछ दिनों से स्वतंत्र काम करने का अवसर मिला तो उन्होंने इसमें नया प्रयोग प्रारंभ किया। उन्होंने डांसिंग स्टेप के साथ ट्रैफिक कंट्रोल करना प्रारंभ किया।

दिलचस्प अंदाज से नियमों के प्रति गंभीर हुए नागरिक

मोहसिन शहर के फाफाडीह ट्रैफिक थाने में पदस्थ हैं। अंबेडकर अस्पताल चौके के पास वह चौतरफा ट्रैफिक संभाल रहे हैं। इनका एक्शन माइकल जैक्सन के मून वॉक से प्रेरित है। मोहसिन बताते हैं कि कुछ दिनों पहले इन्होंने इंदौर के डांसिंग कॉप रंजीत का वायरल वीडियो देखा था। इससे वे प्रेरित हुए।

रंजीत भी इंदौर की सड़कों पर इसी तरह डांस करते हुए यातायात संभालते हैं। मोहसिन ने बताया कि अंदाज रोचक होने की वजह से लोग भी नियमों का पालन करने में रूचि लेते हैं। इसके साथ ही तनावग्रस्त लोगों के चेहरे पर मेरे इस स्टेप से मुस्कुराहट आती है तो वह अच्छा है।

मोहसिन ने ऐसे मोह लिया सबका मन

दिनभर धूप में ड्यूटी के दौरान इस तरह डांसिंग स्टेप से शरीर की एनर्जी खर्च होती है। मोहसिन ने बताया कि नियमित व्यायाम और नशे से दूर रहने की वजह से वह यह सब बिना थके कर पाते हैं। इसके अलावा वे हर रोज 8 से 10 किलोमीटर पैदल मार्निंग वाक पर चलते हैं।

मोहसिन के इस मनोरंजक अंदाज को देखकर लोग इनके पास से गुजरते वक्त हाथ मिलाते हैं, पास आकर सेल्फी लेतेे हैं। इस तरह अपने काम करने के नए अंदाज से मोहिसन ने सबका मन मोह लिया है।

Posted By: Anandram Sahu