रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। मानसिक समस्याओं के चलते लोग तनाव में हैं और जिंदगी की डोर टूट रही है। जिस तरह से घरेलू विवाद हिंसा, आत्महत्या और अपनों के मौत का कारण बन रहे हैं, वह सामाजिक स्थितियों को बयां करने के लिए काफी हैं।

आंबेडकर अस्पताल की मनोचिकित्सक डाक्टर सुरभि दुबे के अनुसार सामाजिक परिवेश जिस तरह से बदले हैं, उससे लोगों में नकारात्मक प्रवृत्तियां अधिक सामने आ रही हैं। छोटा परिवार, अकेलापन, इंटरनेट मीडिया के चलते रिश्तों में बढ़ती दूरी, परिवार में बातचीत का अभाव, मतभेदों का समाधान नहीं निकालना, नशा, आर्थिक तंगी आदि नकारात्मक प्रवृत्तियों के कारण हैं। इनसे मानसिक रोगी बढ़ रहे हैं। क्षणिक आवेश में आकर व्यक्ति आत्महत्या व हत्या जैसे घातक कदम उठा ले रहे हैं। बड़ा वर्ग घरेलू विवाद के चलते मानसिक समस्याओं का सामना करता है। ऐसे में खुद में साकारात्मक परिवर्तन बेहद जरूरी है।

मानसिक स्वास्थ्य योजना सिर्फ कागजों में

राज्य शासन की मानसिक स्वास्थ्य योजना के तहत सभी शासकीय स्वास्थ्य केंद्रों में मानसिक स्वास्थ्य की ओपीडी, काउंसिलिंग, इलाज की सेवाएं देनी है। निश्शुल्क दवाएं भी उपलब्ध करानी है। इसके लिए 21 से अधिक चिकित्सक व ग्रामीण चिकित्सा सहायकों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, लेकिन सेवाए शुरू ही नहीं हो पाई है। योजना सिर्फ कागजों तक सिमटी हुई है।

मानसिक समस्याओं से दूर रहने के लिए उपाय

-दिनचर्या नियमित रखें, पर्याप्त नींद लें, योग, व्यायाम करें।

-परिवार के व्यक्तियों के साथ समय बिताएं।

-आपसी मनमुटाव, तनाव का बातचीत से समाधान खोजें।

-नशे से दूर रहें, इंटरनेट मीडिया का जरूरत पर उपयोग करें।

-मानसिक समस्याओं पर 104 नंबर पर सलाह लें।

विपरीत मानसिक स्थितियों के चलते हाल में सामने आए मामले

केस-1: रायगढ़ निवासी एक व्यक्ति ने हाल ही में डबरी में डुबाकर अपने दो बच्चों को मार डाला। बाद में खुद भी फांसी पर झूल गया। मानसिक अवसाद के साथ नकारात्मक सोच घटन की वजह बनी।

केस-2: भिलाई निवासी व्यक्ति ने कुछ दिनों पूर्व पत्नी और दो बच्चों की हत्या करने के बाद फांसी लगा ली। मानसिक समस्या की वजह से उसने घातक कदम उठाया।

मानसिक समस्याओं के चलते घरेलू विवाद व अन्य घटनाओं की अधिकता है। परिवार छोटा, सामाजिक दूरी, आर्थिक बोझ, नशा आदि के बढ़ने के चलते लोग मानसिक समस्याओं से घिरते जा रहे। संयमित जीवनशैली के साथ, सकारात्मक विचारों से स्थिति बेहतर हो सकती है। -डा. सुरभि दुबे, मनोचिकित्सक, आंबेडकर अस्पताल

मानसिक समस्याओं, अवसाद से ग्रस्त लोगों में पहले जैसे ऊर्जावान महसूस न करना, रात को नींद बार-बार टूटना, मन में मरने-मारने का खयाल आना, उदास या निराश का भाव आदि लक्षण देखने को मिलते हैं। ऐसे व्यक्ति को मनोविज्ञानी व मनोचिकित्सक से परामर्श लेने की जरूरत होती है। -डा. डीएस परिहार, मनोविज्ञानी, जिला स्वास्थ्य विभाग

Posted By: Ashish Kumar Gupta

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close