रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। हाथकरघा वस्त्र मंत्रालय नई दिल्ली के विकास आयुक्त ने छत्तीसगढ़ के तीन विकासखंड स्तरीय हाथकरघा कलस्टरों के उत्पाद विकास के लिए 3 करोड़ 89 लाख 32 हजार रुपये की स्वीकृति दी है। केंद्र सरकार द्वारा संचालित राष्ट्रीय हाथकरघा विकास कार्यक्रम के तहत राज्य के इन तीन विकासखंड हाथकरघा कलस्टरों के 667 बुनकर लाभान्वित होंगे।

उल्लेखनीय है कि ग्रामोद्योग मंत्री गुरु रुद्रकुमार की पहल पर विकास आयुक्त हाथकरघा वस्त्र मंत्रालय को वर्ष 2021-22 के लिए तीन विकासखंड स्तरीय कलस्टर का प्रस्ताव भेजा गया था। जिसकी स्वीकृति प्राप्त हो गई है। हाथकरघा प्रभाग के संयुक्त संचालक बीपी मनहर ने बताया कि राष्ट्रीय हाथकरघा विकास कार्यक्रम के तहत छत्तीसगढ़ राज्य के तीन विकासखंड स्तरीय हाथकरघा कलस्टर में राजनांदगांव, महासमुंद जिले के बसना तथा बिलासपुर जिले के बिल्हा विकासखंड के कलस्टर को स्वीकृति मिली है।

इस योजनांतर्गत तीनों विकासखंड स्तरीय कलस्टरों के 667 बुनकरों को इस राशि से बुनकरों को उत्पाद विकास, सीएटीडी प्रणाली की खरीदी, टेक्नोलाजी अपग्रेडेश मद अंतर्गत न्यूमेटिक जेकार्ड, मोटेराईज्ड जेकार्ड, टेक अप-लेट आफ मोशन, मल्टीपल बाक्स मोशन, मल्टीपल बुटी, ट्वीन क्लाथ, डाबी, नया लूम, मोटेराईज्ड वार्पिंग मशीन लूम, एसेसिरीज, व्यक्तिगत वर्कशेड निर्माण, लाइटिंग यूनिट, सामान्य सुविधा केंद्र आदि मदों में बुनकरों को सहायता मिल सकेगी। जिससे अधिक से अधिक संख्या में बुनकरों को रोजगार उपलब्ध होगा।

छत्तीसगढ़ में हाथकरधा में जुड़े हैं कई लोग

छत्तीसगढ़ में लगभग 18 हजार करधे कार्यशील हैं। जिन पर लगभग 54 हजार लोग प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रुप से रोजगार में जुटे हैं। राज्य के जांजगीर, रायगढ़, जिले में कोसा के साड़ी और कपड़े के उत्पादन की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान है। इसके अलावा बालोद, धमतरी, महासमुंद बस्तर, सरगुजा में हाथकरधा से सूती कपड़े बनाए जा रहे हैं।

Posted By: Ravindra Thengdi

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