रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। छत्तीसगढ़ चैंबर आफ कामर्स का कहना है कि जीएसटी का सरलीकरण बहुत ही ज्यादा जरूरी है। इसकी विसंगतियों को दूर करना चाहिए। चैंबर का कहना है कि ई-वे बिल की वैधता अवधि में 50 फीसद की कमी की जाए। जीएसटी प्रणाली में ब्याज की गणना में बदलाव किया जाए। आइसक्रीम निर्माताओं को भी कंपोजिशन योजना का लाभ मिलना चाहिए और इसकी दरों में कमी की जाए। चैंबर अध्यक्ष अमर पारवानी ने बताया कि मुख्य आयुक्त सीजीएसटी (छग-मप्र जोन) को छत्तीसगढ़ चैंबर द्वारा जीएसटी सरलीकरण संबंधी सुझाव दिया गया।

जीएसटी के लिए सुझाव

1.एक ही लेन-देन पर दो-दो बार ब्याज

2. विक्रेता पर ही कार्रवाई की जानी चाहिए

3. इनपुट टेक्स क्रेडिट जीएसटीआर 2बी के आधार पर मान्य होने

4. जीएसटी प्रणाली में ब्याज की गणना के प्रविधान को बदलने बाबत

5. आरसीएम संबधित प्रविधान

6. स्टेशनरी वस्तु पेन पर जीएसटी में वृद्धि बाबत

7. पूर्व माह का जीएसटीआर -3बी न जमा होने पर जीएसटीआर-1 जमा करने पर प्रतिबंध

8.नियम 21 जीएसटी पंजीकरण का निलंबन/निरस्तीकरण

9. ई-इनवाइसिंग की स्थिति में खरीददार को इनपुट अनिवार्य रूप से मिलना चाहिए

10. माल के परिवहन एवं ई-वे बिल सम्बंधित समस्याएं

11. छुटे हुए इनपुट टैक्स क्रेडिट लेन एवं वार्षिक विवरण पत्र में संशोधन किए जाने हेतु अवसर प्रदान कराया जाए

12. ब्याज, पेनाल्टी एवं विलंब शुल्क से छुट दिया जाए

13. हेल्प डेस्क प्रणाली को सुदृढ किया जाए

14.आइसक्रीम पर दर में कमी और आइसक्रीम निर्माताओं को कंपोजिशन योजना का लाभ प्रदान करना।

Posted By: Ashish Kumar Gupta

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